बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर बम, दो हिंदुओं की चाकू मारकर हत्या; नई सरकार आने के बाद भी हिंदुओं पर जारी अत्याचार

बांग्लदेश ने हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमला अभी भी जारी है. पिछले दो दिन के अंदर अलग-अलग जगह दो हिन्दुओं की हत्या की गई है. इसके अलावा एक मंदिर में बम हमला होने से 3 लोग घायल हो गए हैं.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. नई अंतरिम सरकार के आने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा. पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग घटनाओं में दो हिंदुओं की हत्या हो गई है.

साथ ही, एक मंदिर पर क्रूड बम हमला हुआ, जिसमें एक पुजारी समेत तीन लोग घायल हो गए. ये घटनाएं अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है.

बोगुरा और कॉक्स बाजार में दो हिंदुओं की हत्या

6 मार्च को बोगुरा जिले के फुलबारी बाजार में एक हिंदू शिक्षक चयन राजभर (40) की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. यह विवाद जमीन को लेकर हुआ था.

अगले दिन 7 मार्च को कॉक्स बाजार में गणेश पाल (29) नामक हिंदू दुकानदार को पास के बीजीबी कैंप के पास छुरा घोंपकर मार डाला गया. इन हत्याओं की जानकारी बांग्लादेश के हिंदू अधिकार समूहों ने दी है. ये घटनाएं दिखाती हैं कि अल्पसंख्यकों पर हमले जारी हैं.

कुमिल्ला में काली मंदिर पर बम हमला

8 मार्च को कुमिल्ला शहर के कालिगाछ तला काली मंदिर में साप्ताहिक शनि पूजा के दौरान क्रूड बम फेंका गया. हमले में पुजारी केशब चक्रवर्ती समेत तीन लोग घायल हो गए. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. 

सीसीटीवी फुटेज में एक नकाबपोश व्यक्ति को बैग लेकर मंदिर में घुसते और बैग छोड़कर भागते दिखाया गया. विस्फोट के बाद हमलावरों ने पास के बौद्ध मंदिर और एक निजी ऑफिस के सामने दो और बम फोड़े, जिससे इलाके में दहशत फैल गई.

पुलिस और समिति की प्रतिक्रिया

कोतवाली मॉडल पुलिस स्टेशन के अधिकारी तौहीदुल अनवर ने घटना की पुष्टि की. पुलिस अधीक्षक मोहम्मद अनीसुज्जमान ने मौके पर जाकर जांच की और एंटी-बम स्क्वॉड बुलाया गया. मंदिर समिति के अध्यक्ष सजोल कुमार चंदा ने बताया कि पूजा के दौरान धमाका हुआ. मेट्रोपॉलिटन पूजा उत्सव फ्रंट के संयोजक श्यामल कृष्ण ने कहा कि शांति भंग करने वालों को जल्द गिरफ्तार किया जाए.

ये घटनाएं अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से जारी हिंसा का हिस्सा हैं. हिंदू-बौद्ध-ईसाई यूनिटी काउंसिल के अनुसार, तब से हजारों हमले हुए हैं. नई सरकार के बावजूद हमले रुक नहीं रहे, जिससे हिंदू समुदाय में डर बढ़ गया है. 

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