मिसाइल को किया तबाह...मिडिल ईस्ट के जंग में ईरान के खिलाफ कूदा तुर्की, साइप्रस में तैनात किए F-16 फाइटर जेट
ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध अब पूर्वी भूमध्यसागर तक फैल गया. तुर्की ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराया और उत्तरी साइप्रस में छह F-16 फाइटर जेट्स व एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिए. ग्रीस ने भी दक्षिणी साइप्रस में F-16 और युद्धपोत भेजे. क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है.

नई दिल्ली : ईरान के साथ चल रहे युद्ध ने अब नया मोड़ ले लिया है. तुर्की ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए ईरान की एक बैलिस्टिक मिसाइल को पूर्वी भूमध्यसागर में ही नष्ट कर दिया. रक्षा मंत्रालय ने ईरान को साफ चेतावनी दी कि क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में न डालें. उत्तरी साइप्रस में तुर्की ने छह F-16 जेट्स और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिए हैं. ग्रीस ने भी दक्षिणी साइप्रस में चार F-16 और एडवांस युद्धपोत भेज दिए. ईरान समर्थित हमलों के बाद साइप्रस फ्लैशपॉइंट बन गया है. NATO सदस्य तुर्की अब और कदम उठाने को तैयार है.
तुर्की ने मिसाइल मार गिराई
दरअसल, तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि ईरान से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को NATO एयर डिफेंस सिस्टम ने पूर्वी भूमध्यसागर में ही रोक लिया. मिसाइल इराक और सीरिया के ऊपर से गुजरते हुए तुर्की हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ रही थी. कोई हताहत नहीं हुआ. तुर्की ने ईरान को चेतावनी दी कि उसके क्षेत्र की ओर कोई मिसाइल न दागी जाए. इस घटना से दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया.
उत्तरी साइप्रस में F-16 तैनात
तुर्की ने उत्तरी साइप्रस में छह F-16 फाइटर जेट्स और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिए. यह कदम ईरान समर्थित हमलों के बाद उठाया गया. तुर्की को डर है कि ईरान या उसकी सहयोगी ताकतें यहां हमला कर सकती हैं. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उत्तरी साइप्रस की सुरक्षा मजबूत करने की यह योजना का हिस्सा है. जरूरत पड़ने पर और कदम उठाए जाएंगे.
ईरान समर्थित ड्रोन हमले
बता दें कि 1 मार्च को हिजबुल्लाह ने लेबनान से शाहेद-136 ड्रोन लॉन्च किए जो ब्रिटिश RAF अक्रोटिरी एयर बेस पर गिरे. दक्षिणी साइप्रस में स्थित इस बेस पर कई धमाके हुए. यह यूरोपीय संघ के सदस्य साइप्रस पर पहला बड़ा हमला था. तुर्की ने इसे क्षेत्रीय अस्थिरता का सबूत बताया. इसके बाद तुर्की ने तुरंत सैन्य तैनाती बढ़ाई.
ग्रीस ने भी बढ़ाई तैनाती
ग्रीस ने खतरे को देखते हुए दक्षिणी साइप्रस के पाफोस एयर बेस पर चार F-16 फाइटर जेट्स तैनात कर दिए. 4 मार्च को ग्रीस के F-16 ने दो ईरानी ड्रोन को इंटरसेप्ट कर गिरा दिया. साथ ही ग्रीस ने अपना सबसे एडवांस युद्धपोत भी यहां भेज दिया. ग्रीस साइप्रस की सुरक्षा में पूरी तरह साथ खड़ा है.
जंग फैलने का खतरा
अब अगर उत्तरी साइप्रस पर कोई हमला हुआ तो तुर्की का जवाब तुरंत होगा. NATO सदस्य तुर्की पहले से ही ईरान के साथ प्रतिस्पर्धा रखता है. साइप्रस द्वीप पूर्वी भूमध्यसागर में फ्लैशपॉइंट बन गया है. तुर्की ने कहा कि क्षेत्र में होने वाले नए विकास को देखते हुए सुरक्षा कदम और मजबूत किए जाएंगे. पूरी दुनिया इस बढ़ते तनाव पर नजर रखे हुए है.


