नॉर्थ कोरिया में 99 प्रतिशत से ज्यादा मतदान, आखिर कैसे होता है किम जोंग उन के देश में चुनाव?
किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया की संसद सर्वोच्च जन सभा के लिए हुए चुनाव में वोट डाला, जिसमें 99% से ज्यादा मतदान होने का दावा किया गया. विशेषज्ञों के मुताबिक देश में चुनाव औपचारिक प्रक्रिया भर है, क्योंकि अधिकांश सीटों पर केवल एक ही उम्मीदवार होता है और वास्तविक विपक्ष मौजूद नहीं है.

उत्तर कोरिया में रविवार, 15 मार्च को देश की सर्वोच्च विधायी संस्था के लिए चुनाव कराए गए. इस मतदान में देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने भी हिस्सा लिया. सरकारी मीडिया ने उनका एक वीडियो जारी किया, जिसमें वे एक कोयला खदान क्षेत्र में बने मतदान केंद्र पर वोट डालते हुए दिखाई दे रहे हैं.
कितने प्रतिशत मतदाताओं ने मत का किया उपयोग?
चुनाव आयोग के अनुसार इस मतदान में लगभग 99.1 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया. ये चुनाव पांच वर्षों के लिए आयोजित किए जाते हैं. इस प्रक्रिया के जरिए चुने गए प्रतिनिधि देश की सर्वोच्च विधायी संस्था सर्वोच्च जन सभा का हिस्सा बनते हैं. यही संस्था देश में कानून बनाने और विभिन्न सरकारी नीतियों को मंजूरी देने का अधिकार रखती है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस सदन में वास्तविक विपक्ष की कोई भूमिका नहीं होती और अधिकांश निर्णय सरकार तथा सत्तारूढ़ नेतृत्व के अनुरूप ही लिए जाते हैं.
North Korea holds elections for the Supreme People's Assembly, with state media showing Kim Jong Un voting at a coal mine while promoting the coal industry's role in economic plans https://t.co/V7ZXSjxoEF pic.twitter.com/P9vqIDuALR
— Reuters (@Reuters) March 16, 2026
उत्तर कोरिया की राजनीतिक व्यवस्था एक केंद्रीकृत साम्यवादी प्रणाली पर आधारित है. देश की सत्ता का नेतृत्व किम जोंग उन के हाथों में है, जिन्हें यह पद पारिवारिक विरासत के रूप में मिला है. वे न केवल सरकार के प्रमुख हैं बल्कि देश की सेना के सर्वोच्च कमांडर भी हैं. महत्वपूर्ण नीतिगत और रणनीतिक निर्णयों पर अंतिम अधिकार भी उन्हीं के पास होता है.
देश की संसद यानी सुप्रीम पीपुल्स असेंबली में कुल 687 सीटें हैं. इन सीटों पर चुनाव तो होते हैं, लेकिन आम तौर पर सत्तारूढ़ पार्टी कोरिया की श्रमिक पार्टी और उसके सहयोगी दल ही उम्मीदवार उतारते हैं. अधिकांश मामलों में प्रत्येक सीट पर केवल एक ही उम्मीदवार मैदान में होता है, जिसके समर्थन में मतदाताओं से वोट डालने की अपेक्षा की जाती है.
कितने उम्र के आयु के नागरिकों को मतदान का अधिकार?
उत्तर कोरिया के संविधान के अनुसार 17 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को मतदान का अधिकार प्राप्त है. सिद्धांत रूप में कोई भी व्यक्ति चुनाव लड़ सकता है और वोट दे सकता है, लेकिन व्यवहार में चुनावी प्रक्रिया काफी नियंत्रित मानी जाती है. मतदान बैलेट पेपर के माध्यम से किया जाता है, जिसमें उम्मीदवार के नाम के सामने समर्थन का निशान लगाया जाता है. यदि कोई मतदाता किसी उम्मीदवार के खिलाफ वोट देना चाहता है तो उसे अलग प्रक्रिया के तहत सार्वजनिक रूप से ऐसा करना पड़ता है.
जानकारों के अनुसार उत्तर कोरिया में चुनाव प्रक्रिया प्रतीकात्मक मानी जाती है. विश्लेषकों का कहना है कि इन चुनावों के जरिए सरकार स्थानीय स्तर पर लोगों की नाराजगी को सीमित करने और प्रशासनिक व्यवस्था को औपचारिक वैधता देने की कोशिश करती है. हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया जाता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे वास्तविक प्रतिस्पर्धी चुनाव नहीं माना जाता.


