नई दिल्ली: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर भारत के साथ अपने मजबूत रिश्तों की खुलकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि भारत उन देशों में शामिल है, जहां से इजरायल को लगातार मजबूत समर्थन मिलता है. साथ ही उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस की उस टिप्पणी से भी असहमति जताई, जिसमें वैंस ने अमेरिका को इजरायल का एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी बताया था. नेतन्याहू ने साफ किया कि अमेरिका इजरायल का अहम मित्र जरूर है, लेकिन दुनिया में उसके कई और भरोसेमंद साझेदार भी हैं, जिनमें भारत का नाम प्रमुखता से आता है.
फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि भारत से इजरायल को जबरदस्त समर्थन मिलता है. उन्होंने कहा कि वह जेडी वैंस का सम्मान करते हैं और उनके साथ अच्छे संबंध हैं, लेकिन हर मुद्दे पर उनकी राय से सहमत होना जरूरी नहीं है. नेतन्याहू ने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में रहते हुए इजरायल के सबसे मजबूत समर्थकों में से रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने भारत का जिक्र करते हुए कहा कि 1.4 अरब आबादी वाले इस देश से उन्हें लगातार सकारात्मक समर्थन मिलता है. उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर भी भारत के लोगों का समर्थन उन्हें स्पष्ट रूप से दिखाई देता है. उनके अनुसार, उनके फेसबुक अकाउंट पर भारतीय यूजर्स की प्रतिक्रियाएं उन्हें काफी उत्साहित करती हैं.
नेतन्याहू ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भले ही इजरायल की आलोचना दिखाई देती हो, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे अलग है. उनके अनुसार, कई देशों के नेता निजी तौर पर इजरायल के साथ सहयोग की इच्छा जताते हैं. उन्होंने कहा कि कई विदेशी नेता उनसे संपर्क कर रक्षा, आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की इच्छा व्यक्त करते हैं. उनका मानना है कि इजरायल की तकनीकी क्षमता दुनिया के कई देशों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.
नेतन्याहू ने कहा कि साइबर सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में इजरायल दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है. उन्होंने दावा किया कि साइबर सेक्टर में इजरायल की वैश्विक पहचान काफी मजबूत है और यही वजह है कि कई देश उसके साथ तकनीकी साझेदारी बढ़ाना चाहते हैं. उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय संबंध केवल राजनीतिक बयानों तक सीमित नहीं होते, बल्कि तकनीक, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग भी इन रिश्तों को मजबूत बनाते हैं.
नेतन्याहू की यह टिप्पणी अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के हालिया बयान के बाद सामने आई है. वैंस ने पिछले महीने व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत और बाद में एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि अमेरिका इजरायल का सबसे शक्तिशाली सहयोगी है और इजरायली नेतृत्व को अपने इस अहम साझेदार की सार्वजनिक आलोचना करने से बचना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा था कि यदि वह इजरायली सरकार का हिस्सा होते, तो अपने सबसे मजबूत सहयोगी के खिलाफ सार्वजनिक बयान नहीं देते. वैंस ने इजरायल की सुरक्षा रणनीति पर भी सवाल उठाए थे और कहा था कि हर सुरक्षा चुनौती का समाधान केवल सैन्य कार्रवाई नहीं हो सकता.
इस बीच ऐसी भी खबरें सामने आई हैं कि डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू की जल्द मुलाकात हो सकती है. रिपोर्टों के अनुसार, नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस में बैठक का अनुरोध किया है. बताया जा रहा है कि ट्रंप ने फोन पर बातचीत के दौरान मुलाकात के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं. हालांकि, अमेरिकी कार्यक्रमों और अन्य व्यस्तताओं को देखते हुए यह बैठक अगले सप्ताह हो सकती है. माना जा रहा है कि इस संभावित मुलाकात में ईरान, लेबनान और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. First Updated : Monday, 06 July 2026