भारत-इजरायल रिश्तों को नई मजबूती, आतंकवाद विरोध, AI सहयोग और गाजा शांति योजना पर बड़े हुए समझौते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे में कई अहम समझौते हुए। आतंकवाद विरोध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और व्यापार सहयोग के साथ भारत ने गाजा पीस प्लान को भी पूरा समर्थन दिया।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

प्रधानमंत्री मोदी और इजरायली पीएम नेतन्याहू की बैठक में रिश्तों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया गया। यह फैसला दोनों देशों के भरोसे और साझा मूल्यों को दर्शाता है। संयुक्त बयान में दीर्घकालिक सहयोग पर जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने साझेदारी को नए चरण में ले जाने की बात कही। पिछले दशक की प्रगति को महत्वपूर्ण बताया गया। इस दौरे को कूटनीतिक मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे भविष्य के सहयोग की दिशा तय होगी।

आतंकवाद विरोध पर क्या सहमति?

बैठक में आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त रणनीति पर सहमति बनी। मोदी ने कहा कि दोनों देश आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ साथ खड़े हैं। सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने का फैसला लिया गया। खुफिया साझेदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता देने की बात कही गई। दोनों देशों ने वैश्विक मंचों पर सहयोग जारी रखने का भरोसा दिया। यह सुरक्षा साझेदारी का अहम हिस्सा माना गया।

AI और टेक्नोलॉजी में क्या समझौते?

भारत और इजरायल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। शिक्षा में AI के उपयोग को लेकर भी सहमति बनी। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य तय हुआ। टेक स्टार्टअप सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। डिजिटल साझेदारी से नई संभावनाएं खुलेंगी। विशेषज्ञ इसे भविष्य की साझेदारी का आधार मान रहे हैं।

कृषि और मत्स्य क्षेत्र में क्या सहयोग?

कृषि और जलीय कृषि के क्षेत्र में भी कई समझौते हुए। भारत-इजरायल नवाचार केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया। आधुनिक खेती तकनीकों को साझा करने पर जोर दिया गया। मत्स्य पालन में अनुसंधान सहयोग बढ़ेगा। इससे किसानों और मत्स्य व्यवसाय को लाभ मिलने की उम्मीद है। कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया। यह सहयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकता है।

व्यापार और निवेश पर क्या निर्णय?

दोनों देशों ने वाणिज्य और सेवा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। विनिर्माण और रेस्तरां उद्योग में भी समझौते हुए। व्यापार प्रोटोकॉल लागू करने की दिशा में कदम उठाए गए। निवेश बढ़ाने के लिए नीतिगत सहयोग तय हुआ। आर्थिक साझेदारी को व्यापक बनाने का लक्ष्य रखा गया। विशेषज्ञ इसे व्यापारिक अवसरों के विस्तार से जोड़ रहे हैं। इससे द्विपक्षीय व्यापार में तेजी आ सकती है।

डिजिटल और वित्तीय सहयोग कितना अहम?

बैठक में डिजिटल भुगतान सहयोग को लेकर भी समझौता हुआ। भारत के NPCI और इजरायल के मासाव के बीच यूपीआई कनेक्टिविटी पर हस्ताक्षर हुए। साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना बनी। वित्तीय सेवा संस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ेगा। इससे फिनटेक क्षेत्र में साझेदारी मजबूत होगी। डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। इसे आधुनिक सहयोग का महत्वपूर्ण कदम माना गया।

गाजा शांति योजना पर भारत का रुख?

मोदी ने गाजा पीस प्लान को पूरा समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि इंसानियत को संघर्ष का शिकार नहीं होना चाहिए। भारत ने क्षेत्रीय शांति के लिए सभी साझेदारों के साथ काम करने का भरोसा दिया। मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। संतुलित कूटनीति का संदेश सामने आया। भारत की भूमिका मध्य पूर्व में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह बयान शांति प्रयासों के समर्थन का संकेत है।

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