अमेरिकी नाकाबंदी से बौखलाए ईरान की बड़ी धमकी, ओमान की खाड़ी से लाल सागर तक व्यापार ठप करने की दी धमकी

अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी के बाद ईरान ने वैश्विक समुद्री व्यापार रोकने की धमकी दी है, जिससे तनाव बढ़ गया है. यदि हालात बिगड़ते हैं, तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज समेत अहम समुद्री मार्ग प्रभावित हो सकते हैं और दुनिया में तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

फारस की खाड़ी में स्थित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की कथित नाकाबंदी के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और वैश्विक समुद्री व्यापार को प्रभावित करने की चेतावनी दे डाली है.

अली अब्दुल्लाही ने क्या कहा? 

ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, सेना के वरिष्ठ अधिकारी अली अब्दुल्लाही ने कहा कि अमेरिकी कदम ईरान के व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है. उन्होंने इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताते हुए साफ किया कि देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए ईरान किसी भी हद तक जा सकता है.

दरअसल, अमेरिका ने शांति वार्ता विफल होने के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों को रोकने का अभियान शुरू किया है. इसके लिए उसने बड़ी संख्या में युद्धपोत, नौसैनिक बल और वायुसेना के जवान तैनात किए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि नाकाबंदी लागू होने के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान की समुद्री आवाजाही लगभग ठप कर दी गई.

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के चाबहार बंदरगाह से निकलने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों को अमेरिकी नौसेना ने रोक लिया. वहीं, कई अन्य व्यापारिक जहाजों ने अमेरिकी निर्देशों का पालन करते हुए अपने रास्ते बदल लिए. हालांकि, कुछ ट्रैकिंग रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि कुछ जहाज इस क्षेत्र से गुजरने में सफल रहे, जिस पर अमेरिका ने कहा कि वे ईरान से संबंधित नहीं थे.

इस बीच, ईरान ने भी अमेरिकी दावों को चुनौती देते हुए कहा कि एक बड़ा तेल टैंकर नाकाबंदी के बावजूद सुरक्षित रूप से उसके तट तक पहुंच गया. ईरान की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा समुद्री व्यापार पर निर्भर है, खासकर उसके तेल निर्यात पर. ऐसे में यह नाकाबंदी उसके लिए गंभीर आर्थिक संकट पैदा कर सकती है.

ईरान की चेतावनी

ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि दबाव जारी रहा, तो वह लाल सागर, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी से गुजरने वाले वैश्विक व्यापार को बाधित कर सकता है. खास तौर पर बाब-अल-मंदेब जैसे अहम समुद्री मार्ग का जिक्र किया गया, जो दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि ये समुद्री रास्ते बाधित होते हैं तो वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है.

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