क्या फेल हुई अमेरिकी नाकाबंदी? ईरान ने किया बड़ा दावा, ब्लैकलिस्टेड जहाज ने खुलेआम पार की सीमा

अमेरिका की नाकाबंदी के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसका ब्लैकलिस्टेड तेल टैंकर बिना रोके होर्मुज पार कर तट तक पहुंच गया. इस घटना ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव और रणनीतिक ताकत पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

Shraddha Mishra

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने समुद्री सुरक्षा और वैश्विक राजनीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है. ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका द्वारा ब्लैकलिस्ट किया गया एक बड़ा तेल टैंकर बिना किसी रुकावट के होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर उसके तट तक पहुंच गया. खास बात यह रही कि जहाज ने पूरी यात्रा के दौरान अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद नहीं किया, जिससे यह घटना और भी चर्चा में आ गई है.

मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बारे में जानकारी दी. पोस्ट के अनुसार, यह एक बहुत बड़ा कच्चे तेल का टैंकर (VLCC) है, जिसकी क्षमता करीब 20 लाख बैरल तेल ले जाने की है. बताया गया कि यह जहाज अमेरिका की नाकाबंदी और चेतावनियों के बावजूद बिना किसी बाधा के होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर ईरान के तट तक पहुंच गया. ईरान ने इसे अपनी रणनीतिक सफलता के रूप में पेश किया है. उनका कहना है कि जहाज का ट्रैकिंग सिस्टम लगातार चालू रहा, जिससे यह साफ होता है कि उन्होंने किसी तरह की गोपनीयता नहीं बरती, बल्कि खुले तौर पर इस यात्रा को पूरा किया.

अमेरिकी प्रतिबंधों को दी चुनौती

ईरान के अनुसार, इस टैंकर की यात्रा अमेरिका के प्रतिबंधों के लिए एक सीधी चुनौती है. अमेरिका ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह ईरान से जुड़े सभी समुद्री मार्गों पर सख्त नजर रखेगा और किसी भी संदिग्ध जहाज को रोकेगा. इसके बावजूद इस जहाज का बिना रोके अपने गंतव्य तक पहुंचना कई सवाल खड़े करता है. यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जब क्षेत्र में सैन्य और आर्थिक तनाव लगातार बढ़ रहा है. ईरान का कहना है कि वह अपने तेल निर्यात को किसी भी कीमत पर जारी रखेगा और बाहरी दबावों के आगे नहीं झुकेगा.

अमेरिका का दावा: नाकाबंदी पूरी तरह लागू

वहीं, अमेरिकी केंद्रीय कमान का कहना है कि ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी पूरी तरह से लागू कर दी गई है. उनका दावा है कि नाकाबंदी शुरू होने के 36 घंटे के भीतर ही समुद्र के रास्ते होने वाले ईरान के ज्यादातर व्यापार को रोक दिया गया है. अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह किसी भी जहाज को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से ईरान की ओर बढ़ने या वहां के बंदरगाहों पर रुकने की अनुमति नहीं देगा. यह कदम ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

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