राज्य ने छीनी सुरक्षा, केंद्र ने दी राहत, राघव चड्ढा को मिली Z+ सिक्योरिटी

पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने पिछले सप्ताह राघव चड्ढा का सुरक्षा घेरा अचानक हटा लिया. राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद उन्हें Z+ स्तर की सबसे मजबूत सुरक्षा मुहैया कराई गई थी, जो अब खत्म कर दी गई है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्डा को पंजाब सरकार द्वारा दी गई Z+ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली गई है. सुरक्षा हटाए जाने के कुछ ही घंटों बाद केंद्र सरकार ने उन्हें तत्काल राहत देते हुए Z श्रेणी की सुरक्षा मुहैया करा दी है. यह सुरक्षा दिल्ली और पंजाब दोनों जगहों पर उपलब्ध होगी.केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मौजूदा खतरे की आशंका को देखते हुए राघव चड्डा को अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा प्रदान की है. सूत्रों के अनुसार, औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने तक दिल्ली पुलिस को तुरंत उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.

पंजाब सरकार ने हटाई Z+ सुरक्षा

पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने पिछले सप्ताह राघव चड्डा का सुरक्षा घेरा हटा लिया था. राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद उन्हें पंजाब सरकार की ओर से सबसे उच्च स्तर की Z+ सुरक्षा दी गई थी, जिसे अब वापस ले लिया गया है.

केंद्र सरकार ने दी Z श्रेणी सुरक्षा

पंजाब सरकार के फैसले के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने सक्रियता दिखाई. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने खतरे के आकलन के आधार पर राघव चड्डा को Z कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान कर दी है. यह सुरक्षा दिल्ली और पंजाब दोनों राज्यों में अर्धसैनिक बलों द्वारा मुहैया कराई जाएगी.

पार्टी में बढ़ा तनाव

राघव चड्डा और आप नेतृत्व के बीच तनाव तब चरम पर पहुंच गया जब पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया. इस कार्रवाई पर राघव चड्डा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, "आवाज उठाई, कीमत चुकाई".

'आवाज उठाई, कीमत चुकाई' वाला वीडियो

हाल ही में राघव चड्डा ने इंस्टाग्राम पर आवाज उठाई, कीमत चुकाई" शीर्षक से एक वीडियो शेयर किया था. इस वीडियो में संसद में उनके द्वारा विभिन्न मुद्दों पर दिए गए भाषणों की क्लिप्स शामिल हैं. पोस्ट में उन्होंने लिखा, "पूरे सम्मान के साथ, मैं मेरे संसदीय प्रदर्शन पर सवाल उठाने वालों से यही कहूंगा कि मेरा काम ही बोलेगा.

पार्टी का आरोप और चड्डा का जवाब

आम आदमी पार्टी ने दो अप्रैल को राघव चड्डा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया था. पार्टी ने उन पर आरोप लगाया कि वे संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ मुखर होकर बोलने से बचते रहे और इसके बजाय अपने प्रचार-प्रसार में लगे रहे. चड्डा ने पार्टी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे संसद में लोगों के मुद्दे उठाने गए थे, हंगामा करने नहीं. उपनेता पद से हटाए जाने के बाद से चड्डा सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो और पोस्ट साझा कर रहे हैं, जिससे साफ संकेत मिलता है कि वे इस फैसले को चुपचाप स्वीकार नहीं करेंगे.

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