ईरान ने चीनी सैटेलाइट की मदद से अमेरिकी बेस पर किया सटीक हमला, रिपोर्ट में हुआ खुलासा
ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच एक हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने चीन के जासूसी सैटेलाइट की मदद से मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की जासूसी की.

नई दिल्ली: हाल ही में एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि ईरान ने चीन के जासूसी सैटेलाइट की मदद से मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की जासूसी की. इस जानकारी का इस्तेमाल करके ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को सटीक निशाना बनाकर मिसाइल हमले किए. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है.
सैटेलाइट का इस्तेमाल कब और कैसे हुआ
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने 2024 के अंत में चीन की कंपनी 'अर्थ आई' द्वारा बनाए गए TEE-01B सैटेलाइट की सेवाएं ली. यह सैटेलाइट चीन से लॉन्च होने के कुछ दिन बाद ही ईरानी सेना की एयरोस्पेस फोर्स (IRGC) के हाथ लग गया. ईरानी कमांडरों ने इस सैटेलाइट को अमेरिकी ठिकानों की निगरानी के लिए निर्देश दिए.
सैटेलाइट से ली गई तस्वीरें और समन्वय सूचियां मार्च में हमलों से पहले और बाद में ली गई. इनमें सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, इराक, कुवैत, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों की जानकारी शामिल थी. इससे ईरान को सटीक लोकेशन मिल गई और उसने जवाबी हमलों में इन ठिकानों को निशाना बनाया.
चीन ने किया साफ इनकार
चीनी विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. चीनी प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि अमेरिका पर टैरिफ लगाने के बहाने ऐसे मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका टैरिफ बढ़ाता है तो चीन भी जवाब देगा. चीन का दावा है कि सैटेलाइट का उद्देश्य कृषि, समुद्री निगरानी और आपदा प्रबंधन जैसे नागरिक कार्यों के लिए था.
Media reports accusing China of providing military support to Iran are purely fabricated.
If the U.S. goes ahead with tariff hikes on China on the basis of these accusations, China will respond with countermeasures. pic.twitter.com/QwETjpJEyY— Lin Jian 林剑 (@SpoxCHN_LinJian) April 15, 2026
ट्रंप का बयान और पृष्ठभूमि
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही चीन पर आरोप लगा चुके हैं कि उसने ईरान को हथियार और तकनीकी मदद दी. ट्रंप ने कहा था कि चीन को टारगेट करने के लिए ही उन्होंने कुछ देशों पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की बात कही है. मई में ट्रंप का चीन दौरा भी प्रस्तावित है, जिससे पहले यह दबाव बनाने की रणनीति हो सकती है.
क्या है सैटेलाइट की क्षमता
TEE-01B सैटेलाइट एशिया के ज्यादातर हिस्से के अलावा लैटिन अमेरिका तक की निगरानी करने में सक्षम है. ऐसा कहना है कि इसकी मदद से ईरान की निगरानी क्षमता काफी बढ़ गई. रिपोर्ट लीक हुए ईरानी सैन्य दस्तावेजों पर आधारित है, जिसमें समय-चिह्नित तस्वीरें और कक्षीय विश्लेषण शामिल हैं.


