बिना सैनिकों के यूक्रेन ने रूसी ठिकाने पर किया कब्जा! AI के सामने दुश्मन ने डाले हथियार?

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन ने दावा किया है कि उसकी रोबोटिक सेना ने बिना किसी सैनिक के एक रूसी ठिकाने पर कब्जा कर लिया. इस ऑपरेशन ने युद्ध के भविष्य को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

Shraddha Mishra

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है, जिसने आधुनिक युद्ध की तस्वीर को बदलने का संकेत दिया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि उनकी “रोबोट आर्मी” के सामने रूसी सैनिकों को आत्मसमर्पण करना पड़ा. यह दावा तकनीक की बढ़ती ताकत और युद्ध के नए तरीकों की ओर इशारा करता है.

जेलेंस्की के मुताबिक, यूक्रेनी सेना ने पूरी तरह मानवरहित सिस्टम की मदद से एक रूसी ठिकाने पर कब्जा कर लिया. इस ऑपरेशन में न तो किसी सैनिक को मैदान में उतरना पड़ा और न ही यूक्रेन को कोई नुकसान हुआ. उन्होंने कहा कि युद्ध के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी ठिकाने को सिर्फ रोबोटिक प्लेटफॉर्म और ड्रोन के जरिए अपने कब्जे में लिया गया है.

बिना सैनिकों के हुआ ऑपरेशन

जेलेंस्की ने बताया कि इस मिशन में ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. इन मशीनों ने दुश्मन की स्थिति को समझा, हमला किया और अंत में रूसी सैनिकों को सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया. खास बात यह रही कि इस पूरे अभियान में यूक्रेनी सेना का कोई भी जवान घायल नहीं हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे ऑपरेशन भविष्य के युद्ध का नया मॉडल बन सकते हैं, जहां इंसानों की जगह मशीनें ज्यादा काम करेंगी और जान का खतरा कम होगा.

22,000 से ज्यादा मिशन में इस्तेमाल

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने जानकारी दी कि साल 2026 के शुरुआती तीन महीनों में ही ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम्स को 22,000 से ज्यादा बार इस्तेमाल किया गया. उनका कहना है कि जब खतरनाक इलाकों में इंसानों की जगह रोबोट भेजे गए, तो हजारों सैनिकों की जान बचाई जा सकी. यूक्रेन इस समय Ratel, TerMIT, Ardal, Rys, Zmiy, Protector और Volia जैसे कई उन्नत रोबोटिक सिस्टम्स का इस्तेमाल कर रहा है, जो अलग-अलग तरह के मिशनों के लिए तैयार किए गए हैं.

कैसे काम करता है यह सिस्टम

यूक्रेन की सेना इन रोबोटिक सिस्टम्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रही है. फिलहाल इन्हें दूर से कंट्रोल किया जाता है. ये रोबोट दुश्मन पर हमला करने के अलावा घायल सैनिकों को सुरक्षित निकालने का काम भी करते हैं, खासकर उन जगहों पर जहां इंसानों के लिए जाना बहुत खतरनाक होता है.

AI से लैस खतरनाक रोबोट

जनवरी में यूक्रेन के एक खास ग्राउंड रोबोट Droid TW-7.62 (DevDroid) ने तीन रूसी सैनिकों को पकड़ने में सफलता हासिल की थी. यह रोबोट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस है, जिससे यह अपने आप दुश्मन की पहचान कर सकता है और उसे ट्रैक कर सकता है.

इस रोबोट में KT-7.62 मशीन गन लगी होती है, जिससे जरूरत पड़ने पर यह हमला भी कर सकता है. इसके अंदर एक खास कंप्यूटर सिस्टम होता है, जो निशाने को बेहद सटीक बनाता है. AI की मदद से यह लगातार दुश्मन पर नजर रखता है और सही समय पर कार्रवाई करता है.

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