क्या किसी साजिश का नतीजा थी नोएडा हिंसा? महेश जेठमलानी ने बताया ‘टेस्ट केस’
वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने इस घटना को साधारण मानने से इनकार किया। उनका कहना है कि यह एक 'टेस्ट केस' था, जिसके जरिए परखा गया कि मेट्रो शहरों में संगठित हिंसा कैसे फैलाई जा सकती है।

नई दिल्ली: नोएडा में हाल में भड़की हिंसा को अब सामान्य श्रमिक विवाद नहीं माना जा रहा। जांच में मिले तथ्यों, गिरफ्तारियों और कानूनी जानकारों की राय के बाद इसे एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है। हालांकि, यूपी सरकार की तेज कार्रवाई से हालात कुछ घंटों में ही काबू में आ गए और बड़ा नुकसान टल गया।
महेश जेठमलानी ने बताया ‘टेस्ट केस’
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व राज्य सभा सदस्य महेश जेठमलानी ने इस घटना को साधारण मानने से इनकार किया। उनका कहना है कि यह एक 'टेस्ट केस' था, जिसके जरिए परखा गया कि मेट्रो शहरों में संगठित हिंसा कैसे फैलाई जा सकती है। उन्होंने 'अर्बन रेडिकल नेटवर्क' का हवाला देते हुए कहा कि शहरी इलाकों में माहौल बिगाड़ने के लिए नए तरीके अपनाए जा रहे हैं।
जांच में सामने आए चोंकने वाले तथ्य!
आपको बताते चलें कि जांच में जो आंकड़े सामने आए वे गंभीर हैं। कुल 66 गिरफ्तारियों में 45 लोग श्रमिक ही नहीं थे। इससे साफ है कि आंदोलन में बाहरी लोगों की बड़ी भूमिका रही। और इसी महेश जेठमलानी के दावे कुछ हद तक ठीक भी प्रतीत होते हैं।
आगजनी के 17 चिन्हित आरोपियों में 11 पकड़े गए, जिनमें 8 गैर-श्रमिक थे। भड़काने के आरोप में 32 की पहचान हुई और 19 लोग गिरफ्तार हुए। इसके अलावा 34 ऐसे लोग भी पकड़े गए जो श्रमिक नहीं थे, लेकिन वे लोग प्रदर्शन में शामिल होकर माहौल खराब कर रहे थे।
सूत्रों का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम नोएडा जैसे बड़े औद्योगिक हब को अस्थिर करने की साजिश हो सकता है। कुछ संगठित नेटवर्क और बाहरी तत्वों की भूमिका की जांच चल रही है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर और लोगों को उकसाकर हालात बिगाड़ने की कोशिश भी सामने आई है।
योगी सरकार की तेज कार्रवाई और हालातों पर नियंत्रण
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला। कुछ घंटों में ही स्थिति नियंत्रण में आ गई। सरकार ने श्रमिकों के हित में फौरन फैसले लिए, जिससे मजदूरों और उद्योग दोनों का सहयोग मिला। इसके बाद औद्योगिक गतिविधियां तेजी से पटरी पर लौट आईं।
इस दौरान प्रदेश सरकार ने दो टूक कहा है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन का यह भी कहना है कि ऐसी किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। जांच अभी जारी है और नेटवर्क से जुड़े और लोगों की तलाश की जा रही है।


