इजरायल दौरे पर पीएम मोदी के बड़े फैसले, डिफेंस सहयोग, फ्री ट्रेड समझौता और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर होगा तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे में कई बड़े ऐलान हुए। दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा और टेक्नोलॉजी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई, जिससे रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल दौरे के दौरान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने की घोषणा की। यह समझौता दोनों देशों के व्यापार को नई गति देगा। मोदी ने कहा कि यह करार दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए फायदेमंद रहेगा। भारत पहले ही अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के साथ ऐसे समझौते कर चुका है। इजरायल के साथ एफटीए से निवेश और व्यापार के नए अवसर बनेंगे। विशेषज्ञ इसे आर्थिक रिश्तों में बड़ा कदम मान रहे हैं। दोनों देश जल्द वार्ता पूरी करने पर सहमत हुए हैं।
क्या रक्षा सहयोग और मजबूत होगा?
मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल रक्षा क्षेत्र में संयुक्त विकास और उत्पादन पर काम करेंगे। टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी इस सहयोग का अहम हिस्सा होगा। दोनों देश पहले से रक्षा साझेदार रहे हैं। नए फैसलों से सैन्य क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। संयुक्त परियोजनाओं पर चर्चा तेज होगी। इससे सुरक्षा सहयोग और गहरा होगा। विशेषज्ञ इसे रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बता रहे हैं।
क्या रिश्तों को नया दर्जा मिला?
प्रधानमंत्री मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त बयान में रिश्तों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा देने की घोषणा की। मोदी ने कहा कि यह फैसला साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है। दोनों देशों का रिश्ता भरोसे और सहयोग पर टिका है। यह दर्जा भविष्य के सहयोग का रास्ता खोलेगा। दोनों देशों ने दीर्घकालिक साझेदारी पर जोर दिया। इसे ऐतिहासिक फैसला माना जा रहा है। इससे वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ेगा।
क्या गाजा शांति पर भारत का रुख?
मोदी ने कहा कि इंसानियत कभी संघर्ष का शिकार नहीं होनी चाहिए। भारत ने गाजा शांति प्रयासों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में स्थिरता भारत के सुरक्षा हित से जुड़ी है। भारत शांति के लिए सभी साझेदारों के साथ सहयोग करेगा। मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई। यह बयान संतुलित कूटनीति का संकेत माना जा रहा है। भारत ने संवाद और सहयोग पर जोर दिया।
क्या आतंकवाद के खिलाफ साझेदारी मजबूत?
भारत और इजरायल ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। मोदी ने कहा कि दोनों देश लंबे समय से इस मुद्दे पर साथ खड़े हैं। आतंकवाद और उसके समर्थकों का विरोध जारी रहेगा। सुरक्षा सहयोग को नई दिशा मिलेगी। खुफिया साझेदारी मजबूत होगी। दोनों देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की। इसे साझा चिंता का विषय बताया गया।
क्या डिजिटल सहयोग भी बढ़ेगा?
मोदी ने बताया कि इजरायल में यूपीआई इस्तेमाल के लिए समझौता हो गया है। इससे भारतीय यात्रियों और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी। डिजिटल भुगतान सहयोग का नया अध्याय खुलेगा। फिनटेक क्षेत्र में साझेदारी बढ़ेगी। दोनों देशों ने टेक्नोलॉजी सहयोग पर जोर दिया। स्टार्टअप और नवाचार में नए अवसर बनेंगे। इसे भविष्य की अर्थव्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है।
क्या दौरे का बड़ा संदेश क्या है?
मोदी ने अपने सम्मान को 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि भारत-इजरायल दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है। दौरे ने रणनीतिक रिश्तों को नई दिशा दी है। व्यापार, रक्षा और टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ेगा। मिडिल ईस्ट में भारत की भूमिका मजबूत होगी। विशेषज्ञ इसे कूटनीतिक सफलता मान रहे हैं। दोनों देशों के बीच भरोसा और गहरा हुआ है।


