'भारत से आई मदद', ईरान ने पोस्ट कर कुछ घंटे में किया डिलीट!
ईरानी दूतावास ने भारत से मेडिकल मदद मिलने का दावा कर पोस्ट किया, लेकिन कुछ घंटों बाद उसे हटा दिया, जबकि भारत सरकार ने ऐसी किसी सहायता से इनकार किया है. वहीं, अमेरिका-इजरायल युद्ध में ईरान को भारी नुकसान हो रहा है और स्वास्थ्य व मानवीय संकट गहराता जा रहा है.

अमेरिका और इजरायल के साथ जारी संघर्ष के बीच ईरान से जुड़ा एक दिलचस्प घटनाक्रम सामने आया है. भारत स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर भारत के लोगों का चिकित्सा सहायता के लिए आभार जताया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद इस पोस्ट को हटा दिया गया. इस अचानक हुए बदलाव ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. खासकर तब जब सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत सरकार की ओर से फिलहाल ईरान को कोई आधिकारिक सहायता नहीं भेजी गई है.
दूतावास ने पोस्ट में क्या दावा किया?
दूतावास द्वारा किए गए पोस्ट में दावा किया गया था कि भारत के नागरिकों की ओर से भेजी गई मेडिकल सहायता की पहली खेप ईरान पहुंच चुकी है और इसे ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी को सौंपा गया है. इस संदेश में भारतीयों के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया था. पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया गया था, जिसमें कथित रूप से भेजी गई मदद के पैकेट दिखाए गए थे. इन पैकेट्स पर यह उल्लेख था कि यह सहायता भारत के लोगों की ओर से ईरान के लिए भेजी गई है.
Embassy of the Islamic Republic of Iran in India says, "The first shipment of medical aid from the esteemed people of India has been delivered to the Iranian Red Crescent Society. We sincerely thank the kind people of India."
— ANI (@ANI) March 18, 2026
(Video source: Embassy of the Islamic Republic of… pic.twitter.com/6LobbWCdmY
हालांकि, इस पोस्ट के डिलीट होने के बाद स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है. जानकारों का मानना है कि यह संभवतः किसी गलतफहमी या असमंजस का परिणाम हो सकता है. इस बीच, भारत में ईरानी दूतावास ने एक अलग पहल करते हुए डोनेशन अभियान भी शुरू किया है. सोशल मीडिया पर पिन किए गए संदेश में दूतावास ने भारतीय नागरिकों से आर्थिक सहयोग की अपील की है और इसके लिए बैंक खाते की जानकारी भी साझा की है.
— Iran in India (@Iran_in_India) March 17, 2026
वहीं दूसरी ओर, अमेरिका और इजरायल के साथ जारी संघर्ष में ईरान को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं और कई शीर्ष नेताओं के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं. इस युद्ध में अब तक बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं.
स्वास्थ्य क्षेत्र पर संघर्ष का असर
स्वास्थ्य क्षेत्र पर भी इस संघर्ष का गहरा असर पड़ा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, ईरान में स्वास्थ्य सेवाओं पर कई हमले हुए हैं, जिससे मेडिकल स्टाफ और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है. इसके बावजूद, स्वास्थ्य व्यवस्था अभी भी किसी तरह काम कर रही है और घायलों का इलाज जारी है.
विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि तेल ठिकानों में लगी आग से उठने वाला धुआं गंभीर स्वास्थ्य खतरा पैदा कर सकता है. इससे हवा में जहरीले तत्व फैल सकते हैं, जो लोगों में सांस से जुड़ी बीमारियों को बढ़ा सकते हैं. कुल मिलाकर, यह संघर्ष न केवल मानवीय संकट को गहरा कर रहा है, बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिहाज से भी गंभीर चुनौतियां पैदा कर रहा है.


