नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव अब एक बड़े और भयानक युद्ध की दहलीज पर पहुँच चुका है. ईरान ने इजरायल के साथ जारी संघर्ष के बीच अब सीधे तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. शनिवार को ईरान ने एक साथ कई खाड़ी देशों में स्थित सात प्रमुख अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से भीषण हमले किए. इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है. बहरीन, कतर और कुवैत जैसे देशों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.
आपको बता दें कि बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े (5th Fleet) के मुख्यालय को ईरान ने अपनी घातक मिसाइलों का मुख्य निशाना बनाया है. शनिवार को हुए इस भीषण हमले के बाद मनामा शहर में धमाकों की बहुत जोरदार आवाजें सुनी गईं. बहरीन की सरकार ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा का बड़ा उल्लंघन बताया है. देश के भीतर कई जगहों पर तत्काल प्रभाव से इमरजेंसी उपाय लागू कर दिए गए हैं ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
मिसाइल हमलों की खबर मिलते ही कतर की राजधानी दोहा में भयंकर हड़कंप मच गया. वहां मौजूद महत्वपूर्ण एयरबेस को सुरक्षा कारणों से तत्काल बंद कर दिया गया है. नागरिकों के मोबाइल फोन पर इमरजेंसी वॉर्निंग अलर्ट भेजे गए, जिसमें उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई. उधर कुवैत में भी सायरन और धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं. वहां मौजूद अमेरिकी आर्मी सेंट्रल के ठिकानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और तैनात सैनिकों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है.
ईरान की मिसाइलों ने केवल बहरीन या कतर ही नहीं, बल्कि संयुक्त अरब अमीरात के अल धफरा एयर बेस को भी निशाना बनाया. इसके अलावा सऊदी अरब और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर भी बैलिस्टिक मिसाइलें गिरने की पुख्ता खबरें आई हैं. ईरान का यह हमला इतना व्यापक है कि इसने एक साथ मध्य पूर्व के कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ढांचे को बुरी तरह हिला दिया है. इन हमलों के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव अब अपने उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है और हर तरफ युद्ध की गूंज है.
बहरीन की सरकारी समाचार एजेंसी ने इन मिसाइल हमलों को एक 'धोखेबाज' कृत्य करार दिया है. सरकार का स्पष्ट मानना है कि यह सीधा प्रहार किंगडम और उसके निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा पैदा करता है. स्थानीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे इस गंभीर संकट से निपटने के लिए हर संभव आपातकालीन कदम उठा रहे हैं. इस हमले ने खाड़ी देशों की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और बाहरी खतरों के बीच के संतुलन को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है. अब जवाबी कार्रवाई की आशंका भी बलवती हो गई है.
ईरान द्वारा अमेरिका के खिलाफ किए गए इस सीधे सैन्य हमले ने पूरी दुनिया को भारी चिंता में डाल दिया है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका इन हमलों का करारा जवाब जरूर देगा, जिससे यह संघर्ष एक विनाशकारी क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है. वर्तमान में पूरे पश्चिम एशिया में डर और अनिश्चितता का साया है. आने वाले कुछ घंटे यह तय करेंगे कि यह संघर्ष किस दिशा में मुड़ेगा. पूरी दुनिया अब इस घटनाक्रम के बाद महाशक्तियों की अगली कार्रवाई पर अपनी नजरें गड़ाए बैठी है. First Updated : Saturday, 28 February 2026