बहरीन में अमेरिकी बेस पर ईरान का अब तक का सबसे बड़ा हमला, IRGC की खुली चेतावनी-'अभी तो सिर्फ ठिकाने तबाह किए हैं'

अमेरिका के हालिया हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करने का दावा किया है और आगे और बड़े सैन्य अभियान की चेतावनी दी है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अमेरिका की ओर से किए गए हालिया हवाई हमलों के बाद ईरान ने बड़ा जवाबी हमला करने का दावा किया है. तेहरान के अनुसार, बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभियान चलाया गया. इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है और नए सैन्य टकराव की आशंका तेज हो गई है.

अमेरिकी ठिकानों पर बड़े हमले का दावा

ईरानी अधिकारियों और सरकारी मीडिया के मुताबिक, बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बड़े पैमाने पर हमला किया गया. ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका के हालिया हवाई हमलों के जवाब में की गई है.

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहेबी ने कहा कि ईरान अपने सैन्य अभियान को तब तक जारी रखेगा, जब तक खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ढांचे को पूरी तरह कमजोर नहीं कर दिया जाता. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि मौजूदा कार्रवाई केवल शुरुआती चरण है और आगे इससे भी बड़े कदम उठाए जा सकते हैं.

होर्मुज जलडमरूमध्य पर सख्त रुख

ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है. ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अकरमी निया ने कहा कि जब तक अमेरिका कुछ प्रमुख शर्तों को स्वीकार नहीं करता, तब तक इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को नहीं खोला जाएगा.

ईरान ने मांग की है कि अमेरिका दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का पालन करे, शत्रुतापूर्ण गतिविधियां बंद करे और तय नियमों का सम्मान करे. ईरान का कहना है कि इन शर्तों के पूरे होने तक जहाजों की आवाजाही पर रोक जारी रह सकती है.

वैश्विक बाजार पर बढ़ी चिंता

होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की आपूर्ति होती है. ऐसे में इस मार्ग पर बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है और वैश्विक व्यापार भी प्रभावित हो सकता है.

बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई से पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ गई है. दोनों देशों के सख्त बयानों और जवाबी हमलों ने यह संकेत दिया है कि यदि जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह टकराव और गंभीर रूप ले सकता है. 

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