होर्मुज जलडमरूमध्य पर छिड़ी नई जंग! अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर बरसाए बम, वैश्विक व्यापार पर मंडराया संकट
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को खतरा पहुंचाने वाली सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव फिर बढ़ गया है.

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव तेजी से बढ़ गया है. अमेरिका ने ईरान के खिलाफ हवाई हमलों का नया अभियान शुरू करते हुए उन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक और नौसैनिक जहाजों को खतरे में डालने के लिए किया जा रहा था. इन हमलों के बाद क्षेत्र में हालात और गंभीर हो गए हैं तथा वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं.
अमेरिकी सेना ने दूसरी लहर के हमले किए
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर बुधवार (स्थानीय समय) को हमलों की दूसरी लहर शुरू की गई. सेंटकॉम ने बताया कि कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था, जिनसे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती थी.
अमेरिकी सेना का कहना है कि यह अभियान अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में बढ़ते खतरों का जवाब देने के लिए चलाया गया.
At 3 p.m. ET, U.S. forces launched operations for a second wave of strikes today against Iran. The strikes are targeting Iranian military capabilities used to threaten vessels freely transiting through the Strait of Hormuz, an international waterway vital to global commerce. The…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 15, 2026
ईरान के कई शहरों में धमाकों की खबर
हमलों के बाद ईरानी मीडिया ने दक्षिणी शहर अहवाज़ और चाबहार में विस्फोट होने की जानकारी दी. हालांकि, इन धमाकों का सीधा संबंध अमेरिकी हवाई कार्रवाई से है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है.
इससे पहले भी अमेरिकी सेना ने ग्रेटर टुनब द्वीप पर ईरान की तटीय रक्षा प्रणाली, क्रूज मिसाइल भंडारण और लॉन्च स्थलों को निशाना बनाकर सैन्य अभियान चलाया था. अमेरिका का दावा है कि इन हमलों से ईरान की समुद्री हमले करने की क्षमता कमजोर हुई है.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है. वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. ऐसे में यहां बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर डाल सकता है.
अमेरिका ने ईरान पर फिर से नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने के साथ अपने सैन्य अभियान को भी तेज कर दिया है. अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कदम जहाजों पर बढ़ते खतरों के जवाब में उठाया गया है.
युद्धविराम पर फिर मंडराया संकट
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, हालिया हमलों में एक सैन्य बैरक को भी निशाना बनाया गया, जिसमें कई सैनिकों की मौत हुई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाओं से दोनों देशों के बीच पहले हुआ अंतरिम युद्धविराम कमजोर पड़ गया है. साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत भी प्रभावित हो सकती है. यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो मध्य पूर्व एक बार फिर बड़े सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ सकता है.


