युद्ध के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर घायल? अमेरिका के बड़े दावे से मचा हड़कंप

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने दावा किया कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई युद्ध में घायल हुए हैं और उनकी स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं, हालांकि ईरान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. इसी बीच अमेरिका ने ईरान पर हमले तेज कर दिए हैं और क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य तैनाती भी बढ़ा दी है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई हालिया संघर्ष के दौरान घायल हो गए थे और संभव है कि उनके चेहरे पर भी गंभीर असर पड़ा हो. 

हेगसेथ ने नेतृत्व को लेकर उठाए सवाल 

हेगसेथ ने यह सवाल भी उठाया कि क्या ऐसी स्थिति में वह प्रभावी ढंग से देश का नेतृत्व कर पाएंगे? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान का मौजूदा नेतृत्व सार्वजनिक रूप से सामने आने से बच रहा है और लगातार छिपा हुआ है. अमेरिकी रक्षा मंत्री के मुताबिक युद्ध की शुरुआत में इजराइल द्वारा किए गए एक हमले में खामेनेई के परिवार के कई सदस्य मारे गए थे. इस हमले में उनके पिता और पत्नी की भी मौत हो गई थी. हेगसेथ ने कहा कि उस घटना के बाद से अब तक खामेनेई की कोई नई तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आया है, जिससे उनकी स्थिति को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.

इस बीच खामेनेई की ओर से पहली प्रतिक्रिया गुरुवार को सामने आई, लेकिन वह सीधे उनके वीडियो या आवाज के रूप में नहीं थी. ईरानी टेलीविजन पर एक एंकर ने उनका लिखित बयान पढ़कर सुनाया. इस संदेश में कहा गया कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखेगा और क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति बनाए रखेगा. साथ ही उन्होंने पड़ोसी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनके यहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद नहीं किया गया तो ईरान उन्हें निशाना बना सकता है.

हालांकि ईरान ने अमेरिका के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. जापान में ईरान के राजदूत पेमान सादात ने कहा कि खामेनेई को मामूली चोटें जरूर आई थीं, लेकिन उनकी हालत गंभीर नहीं है. उनके अनुसार ईरानी नेता पूरी तरह सक्रिय हैं और देश के प्रशासन व रणनीतिक फैसलों का नेतृत्व कर रहे हैं.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य दबाव बढ़ाया

उधर, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य दबाव और बढ़ा दिया है. पिछले दो सप्ताह के भीतर अमेरिका ने ईरान में छह हजार से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं. इन हमलों में लगभग दो हजार लोगों की मौत होने की खबर है. इसके साथ ही अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी भी मजबूत कर रहा है. अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली और मरीन यूनिट को इलाके में भेजा जा रहा है. करीब 2,500 अतिरिक्त मरीन सैनिकों और कई नौसैनिकों की तैनाती की भी तैयारी है.

दूसरी ओर, हमलों के बावजूद ईरान की ड्रोन गतिविधियां जारी बताई जा रही हैं. कुवैत, इराक, यूएई, बहरीन और ओमान की दिशा में कई ईरानी ड्रोन देखे गए हैं. इसी दौरान पश्चिमी इराक में एक अमेरिकी ईंधन भरने वाला सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह हादसा तकनीकी कारणों से हुआ और इसमें किसी दुश्मन हमले की भूमिका नहीं थी. फरवरी के अंत से अब तक कुल 11 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो