डोनाल्ड ने पावर प्लांट पर हमले को टाला तो ईरान ने दी प्रतिक्रिया, कहा- 'पीछे हट गए ट्रंप...'
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले को पांच दिनों के टाल दिया है. अब ट्रंप के फैसले पर ईरान ने भी प्रतिक्रिया दी है.

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक नया मोड़ तब आया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि पिछले दो दिनों में दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर सकारात्मक और सार्थक बातचीत हुई है. ट्रंप के इस बयान के तुरंत बाद काबुल स्थित ईरानी दूतावास ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें संकेत दिया गया कि अमेरिका ने दबाव में आकर अपना रुख नरम किया है. इस बयान के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबकी नजर ट्रंप की अगली प्रतिक्रिया पर टिक गई है.
सख्त चेतावनी का असर
ईरान की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को अलग नजरिए से पेश किया गया. जहां ट्रंप इसे शांति की दिशा में उठाया गया कदम बता रहे हैं. वहीं, ईरान ने इसे अपनी सख्त चेतावनी का असर बताया है. अफगानिस्तान में स्थित ईरानी मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि तेहरान ने साफ कर दिया था कि अगर उसके ऊर्जा ढांचे को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचा, तो वह पूरे मध्य पूर्व के ऊर्जा नेटवर्क को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. इसी चेतावनी के बाद अमेरिका पीछे हटने को मजबूर हुआ. हालांकि, ईरान ने यह भी संकेत दिया कि पर्दे के पीछे कुछ स्तर पर बातचीत जरूर हुई है.ॉ
عقبنشینی ترامپ پس از هشدار قاطع ایران
— Embassy of the I.R. Iran in Kabul, Afghanistan (@IRANinKabul) March 23, 2026
پس از آنکه جمهوری اسلامی تهدید کرد که در صورت هرگونه حمله آمریکا به زیرساختهای انرژی ایران، زیرساختهای انرژی کل منطقه را هدف قرار میدهد، ترامپ عقب نشست و گفت که دستور تعویق حمله را صادر کرده است. pic.twitter.com/3Jcl3k5YDN
इस बीच ट्रंप ने एक अहम रणनीतिक फैसला लेते हुए ईरान के ऊर्जा ठिकानों और पावर प्लांट्स पर संभावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल पांच दिनों के लिए टाल दिया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ के जरिए इसकी जानकारी दी. ट्रंप ने कहा कि वार्ता में सकारात्मक संकेत मिलने के बाद उन्होंने अमेरिकी रक्षा विभाग को हमले की योजना स्थगित करने का निर्देश दिया है. यह कदम इस क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है.
इजरायल की चुप्पी
इस पूरे घटनाक्रम में इजरायल की चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है. प्रधानमंत्री नेतन्याहू के नेतृत्व में इजरायल पहले ही लेबनान तक अपने सैन्य अभियान का विस्तार कर चुका है, लेकिन ट्रंप की इस घोषणा पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. यह चुप्पी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इससे एक दिन पहले ही ट्रंप ने ईरान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी थी. ऐसे में अब आगे की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और दुनिया की निगाहें अगले कदम पर टिकी हैं.


