ट्रंप के दावों पर ईरान का करारा जवाब, कहा- खुद से ही कर रहे हो बातचीत?

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए सख्त रुख अपनाया है. इस बीच अमेरिका सैन्य तैयारी बढ़ा रहा है और पाकिस्तान मध्यस्थता की कोशिश में जुटा है, जिससे तनाव और बढ़ गया है.

Shraddha Mishra

मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच जहां एक ओर अमेरिका युद्ध खत्म करने की बात कर रहा है, वहीं ईरान ने बेहद कड़े और तीखे अंदाज में जवाब देकर माहौल और गरमा दिया है. ईरानी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए साफ कह दिया कि किसी भी तरह के समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है.

ईरान के ‘खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय’ के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम ज़ुल्फिकारी ने एक बयान में कहा कि ईरान अपने रुख पर कायम है और अमेरिका के साथ बातचीत की कोई संभावना नहीं है. उन्होंने व्यंग्य करते हुए यह भी कहा कि क्या अमेरिका के अंदरूनी हालात इतने खराब हो गए हैं कि वह खुद ही बातचीत की बातें कर रहा है. उनका कहना था कि ईरान का रुख पहले दिन से साफ है और आगे भी वैसा ही रहेगा.

ट्रंप के दावों पर उठे सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है और जल्द ही कोई समाधान निकल सकता है. लेकिन ईरानी सेना के इस बयान ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ज़ुल्फिकारी ने यह भी कहा कि अमेरिका जिस ‘रणनीतिक ताकत’ की बात करता था, वह अब एक बड़ी विफलता में बदल चुकी है.

तीखे शब्दों में अमेरिका पर निशाना

ईरानी अधिकारी ने अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि जो खुद को दुनिया की महाशक्ति बताता है, अगर उसके पास समाधान होता तो अब तक हालात काबू में आ जाते. उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि सिर्फ बयानबाजी से कुछ नहीं होगा और ईरान अपनी सुरक्षा और स्वतंत्रता के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा.

पर्दे के पीछे कूटनीति जारी?

हालांकि सार्वजनिक तौर पर दोनों देशों के बीच बातचीत से इनकार किया जा रहा है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ देशों के जरिए बैक-चैनल बातचीत की कोशिशें जारी हैं. पाकिस्तान भी इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है और उसने एक विस्तृत योजना ईरान के सामने रखी है, ताकि दोनों देशों के बीच बातचीत फिर शुरू हो सके.

अमेरिका की सैन्य तैयारी तेज

तनाव के बीच अमेरिका ने भी अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने के संकेत दिए हैं. खबर है कि अमेरिका मध्य-पूर्व में अपने हजारों सैनिकों की तैनाती बढ़ा रहा है. इसके तहत 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के करीब 1,000 सैनिकों को भेजने की तैयारी है. इसके अलावा मरीन यूनिट्स को भी तैनात किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में सैन्य दबाव और बढ़ सकता है.

हमलों से बढ़ा खतरा

हाल के दिनों में हवाई हमलों और मिसाइल हमलों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है. जहां एक ओर ईरान को भारी नुकसान हुआ है, वहीं जवाबी कार्रवाई में ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने इजराइल और आसपास के इलाकों को निशाना बनाया है. मौजूदा हालात यह संकेत देते हैं कि तनाव कम होने के बजाय और बढ़ सकता है. एक तरफ अमेरिका बातचीत की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान सख्त रुख अपनाए हुए है.

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