नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने इजरायल के खिलाफ चलाए जा रहे अपने सैन्य अभियान को फिलहाल रोकने की घोषणा की है. हालांकि इसके साथ ही तेहरान ने साफ कर दिया है कि अगर इजरायल या उसके सहयोगी देशों की ओर से किसी भी क्षेत्र में नई सैन्य कार्रवाई की जाती है, तो उसका जवाब पहले से कहीं अधिक सख्त होगा.
ईरानी सैन्य नेतृत्व की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हालिया अभियान का उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोगियों के समर्थन में जवाबी कार्रवाई करना था और यह चरण अब समाप्त किया जा रहा है. हालांकि अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा और रणनीतिक हितों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.
बता दें, बीते कुछ दिनों में इजरायल और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ गया था. इस दौरान दोनों देशों के बीच मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाइयों की खबरों ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी. वहीं हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका को जन्म दिया है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता देश की सुरक्षा और नागरिकों की शांति बनाए रखना है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कूटनीति और रक्षा दोनों ही देश की शक्ति के महत्वपूर्ण आधार हैं और ईरान दोनों मोर्चों पर सक्रिय रहेगा.
दूसरी ओर, ईरानी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर दक्षिणी लेबनान या किसी अन्य क्षेत्र में नई आक्रामक कार्रवाई होती है तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा. इस बयान ने संकेत दिया है कि भले ही सैन्य अभियान रोक दिया गया हो, लेकिन हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं.
इसी बीच भारत सरकार ने भी अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है. भारत ने इजरायल और ईरान में मौजूद भारतीयों को सतर्क रहने, स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी है. दोनों देशों में स्थित भारतीय दूतावास लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी में हैं. First Updated : Monday, 08 June 2026