होर्मुज में संकट में 24 भारतीय नाविक, VIDEO जारी कर नेवी से लगाई मदद की गुहार
ईरान-इजरायल के बीच सीजफायर के बावजूद बढ़े तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हमला हुआ, जिसमें 24 भारतीय नाविक फंसे होने की सूचना है. भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जबकि ईरान ने संकेत दिया है कि होर्मुज मार्ग खुला रहेगा लेकिन उस पर ट्रांजिट शुल्क लगाया जा सकता है.

नई दिल्ली: ईरान और इजरायल के बीच दो महीने से जारी संघर्ष विराम के दौरान पहली बार दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई की खबर सामने आई है. इस घटनाक्रम ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को फिर से बढ़ा दिया है. क्षेत्रीय अस्थिरता का असर अब रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में भी दिखाई देने लगा है, जहां एक जहाज पर हमले की सूचना मिली है. बताया जा रहा है कि इस जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार हैं और वे मदद का इंतजार कर रहे हैं.
फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया ने साझा किया वीडियो
फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें दावा किया गया है कि ओमान के तट के निकट स्थित जहाज पर मौजूद भारतीय नाविकों ने तत्काल सहायता की गुहार लगाई है. वीडियो में जहाज से घना काला धुआं उठता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे किसी गंभीर घटना की आशंका जताई जा रही है. हालांकि हमले की प्रकृति और इसके पीछे की वजहों को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.
Indian Navy in Harmouz 24 Indian Seafarers seeking urgent assistance at 2057.07N 059 degree 0813 off coast Oman onboard @IndiannavyMedia @MEAIndia @DrSJaishankar @shipmin_india @ITFglobalunion pic.twitter.com/PljHOhTGVv
— FSUI (@FSUIINDIA) June 8, 2026
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है. ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.
इस बीच रूस में ईरान के राजदूत काजेम जालाली ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद करने की कोई योजना नहीं है. रूसी अखबार इजवेस्टिया को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि यह समुद्री मार्ग खुला रहेगा, लेकिन इसके संचालन से जुड़ी नई व्यवस्थाएं लागू की जा सकती हैं. उनके अनुसार, ईरान और ओमान मिलकर इस मार्ग के उपयोग से संबंधित नियम तय करेंगे और संभव है कि यहां से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रांजिट शुल्क या टोल लगाया जाए.
भारत ने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी
दूसरी ओर, क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने लोगों को फिलहाल ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है. साथ ही वहां मौजूद भारतीयों से कहा गया है कि वे उपलब्ध साधनों का उपयोग कर सुरक्षित स्थानों की ओर रवाना हों या देश छोड़ने पर विचार करें.
गौरतलब है कि संघर्षविराम के बाद यह पहला अवसर है जब ईरान और इजरायल के बीच सीधे टकराव की स्थिति बनी है. इससे पहले इजरायल ने ईरान पर सीधा हमला करने के बजाय लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई थी. अब ताजा घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में नई चिंताएं पैदा कर दी हैं.


