इजरायल-अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, तेहरान में विस्फोटों का कहर, एक के बाद एक धमाके
इजरायल काट्ज ने घोषणा की है कि इजरायल ने ईरान के खिलाफ संभावित खतरे को खत्म करने के उद्देश्य से पहले ही हमला (प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक) कर दिया है.

पश्चिम एशिया में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं, क्योंकि इजरायल और उसके सहयोगी संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के खिलाफ 'प्रीवेंटीव अटैक' यानी एहतियाती सैन्य कार्रवाई शुरू करने की घोषणा की है. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने शनिवार सुबह इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम संभावित खतरों को पहले ही निष्क्रिय करने के लिए उठाया गया है. इस सैन्य अभियान को 'शील्ड ऑफ जूदा' नाम दिया गया है.
इजरायल में हाई अलर्ट घोषित
हमले के बाद इजरायल में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. इजरायली सेना ने पूरे देश में सायरन बजाकर नागरिकों को सतर्क किया और मोबाइल फोन के जरिए आपातकालीन अलर्ट भेजे गए. लोगों को बंकरों और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है. सुरक्षा कारणों से स्कूल, कॉलेज और कई सरकारी एवं निजी दफ्तर बंद कर दिए गए हैं. सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है और कर्मचारियों को घर से काम करने के निर्देश दिए गए हैं. रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर आपातकाल लागू करते हुए चेतावनी दी है कि ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले की आशंका बनी हुई है.
इसी बीच ईरान की राजधानी तेहरान में कई विस्फोटों की खबर सामने आई है. स्थानीय मीडिया और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शहर के मध्य हिस्से में कम से कम तीन जोरदार धमाके सुने गए, जिसके बाद दो और विस्फोट होने की सूचना मिली. सरकारी मीडिया ने उत्तरी तेहरान के सैय्यद खानदान इलाके में भी धमाकों की आशंका जताई है. प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, ईरान में लगभग 30 स्थानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें खुफिया एजेंसियों की इमारतें, हवाई अड्डे, राष्ट्रपति से जुड़े परिसर और कुछ रिहायशी क्षेत्र शामिल बताए जा रहे हैं. हालांकि ईरानी अधिकारियों ने अब तक इन हमलों की आधिकारिक पुष्टि या नुकसान का विस्तृत ब्यौरा जारी नहीं किया है.
Israel is confirmed to have launched “preemptive strikes” this morning against Iran. pic.twitter.com/KAMo8oldTe
— OSINTdefender (@sentdefender) February 28, 2026
हमलों के बाद ईरान ने तत्काल प्रभाव से अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. तेहरान ने पहले ही स्पष्ट किया था कि किसी भी सैन्य कार्रवाई की स्थिति में वह आत्मरक्षा का अधिकार सुरक्षित रखता है.
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत जारी थी. इस वार्ता का उद्देश्य लंबे समय से चले आ रहे विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालना था. लेकिन ताजा सैन्य कार्रवाई ने कूटनीतिक प्रयासों को झटका दिया है और क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
विशेषज्ञों का क्या मानना है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह टकराव पूरे क्षेत्र में बड़े संघर्ष का कारण बन सकता है. अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर ईरान की प्रतिक्रिया पर टिकी है, क्योंकि आगे की स्थिति पश्चिम एशिया की सुरक्षा और वैश्विक राजनीति की दिशा तय कर सकती है.


