मिडिल ईस्ट में 'साइलेंट वार! इजराइल ने एक साल में हड़पी 420KM जमीन, तीन देशों की सीमाएं बदलीं!
मध्य पूर्व की राजनीतिक जमीन इन दिनों बड़े बदलावों से गुजर रही है, और इन बदलावों के केंद्र में है इजराइल. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में इजराइल ने बीते एक साल में सीरिया, लेबनान और फिलिस्तीन की करीब 420 किलोमीटर जमीन पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है.

मध्य पूर्व (Middle East) में भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और इज़राइल इसमें एक अहम किरदार बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के नेतृत्व में इजराइल ने पिछले एक साल में सीरिया, लेबनान और फिलिस्तीन के कुल 420 किलोमीटर क्षेत्र पर अपना ‘वास्तविक नियंत्रण’ स्थापित कर लिया है। सबसे ताजा घटनाक्रम में नेतन्याहू ने गाजा पट्टी पर मिस्र सीमा तक पूर्ण सैन्य कब्जे की मंजूरी दे दी है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि इज़राइल का क्षेत्रीय विस्तार किसी भी सियासी या वैश्विक दबाव से नहीं रुकने वाला.
हालांकि फ्रांस और कनाडा जैसे देशों ने फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र की मान्यता देने की बात कही है और हमास से संघर्ष विराम की बातचीत भी जारी है, लेकिन इज़राइली सरकार के इस नए आदेश ने मध्य-पूर्व में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है.अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इज़राइल के इन कदमों को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है.
सीरिया में 400 किमी लंबा 'बफर जोन'
अलजज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2024 से इज़राइल ने सीरिया के दक्षिणी हिस्से में 400 किलोमीटर लंबे क्षेत्र को बफर ज़ोन घोषित कर दिया है। यह क्षेत्र सीरिया की सीमा से सटा हुआ है और वहां अब इज़राइली सेना की नियमित गश्त हो रही है। हालांकि इज़राइल इसे अपनी सुरक्षा नीति का हिस्सा बता रहा है, लेकिन विशेषज्ञ इसे क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सीधा उल्लंघन मानते हैं.
लेबनान सीमा में 5 किमी तक घुसपैठ
हिजबुल्लाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इज़राइल ने लेबनान की सीमा के भीतर करीब 5 किलोमीटर तक घुसपैठ की है। इस क्षेत्र में इज़राइली सैन्य बल तैनात हैं और आम नागरिकों की गतिविधियों पर भी असर पड़ा है. लेबनान की सरकार ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन करार दिया है, वहीं इज़राइल इसे ‘सुरक्षात्मक ज़रूरत’ बता रहा है.
वेस्ट बैंक और गाजा पर कब्जा
फिलिस्तीन के वेस्ट बैंक और गाजा क्षेत्र में भी इज़राइल का दबदबा बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वेस्ट बैंक के कई गांवों और इलाकों को मिलाकर लगभग 12 किलोमीटर भूमि पर इज़राइल ने कब्जा जमा लिया है। इस दौरान कई फिलिस्तीनी परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े, वहीं नई यहूदी बस्तियों के निर्माण का कार्य भी तेज़ी से बढ़ा है। गाजा पर फिलहाल सबसे बड़ा सैन्य अभियान जारी है, जिसमें 41 किलोमीटर लंबी पट्टी को घेरे में लिया गया है.
इजराइल का भौगोलिक विस्तार
गाजा युद्ध की शुरुआत अक्टूबर 2023 में हुई थी, उस समय इज़राइल का क्षेत्रफल लगभग 22,000 वर्ग किलोमीटर था। लेकिन अब हालिया सैन्य अभियानों के बाद 420 किलोमीटर नया क्षेत्र इज़राइल के वास्तविक नियंत्रण में आ गया है। हालांकि इसे अभी अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिली है, लेकिन ज़मीनी सच्चाई यह है कि इन क्षेत्रों में इजराइली सेना पूरी तरह से सक्रिय है
नेतन्याहू का ‘आक्रामक रुख’
गाजा में मानवीय संकट गहराता जा रहा है। लोग भुखमरी के कगार पर हैं और दुनिया के कई देश इज़राइल पर युद्ध रोकने का दबाव बना रहे हैं। बावजूद इसके नेतन्याहू का रवैया बेहद आक्रामक और निर्णायक दिख रहा है। उनके आदेशों से यह साफ है कि फिलहाल इज़राइल अपने क्षेत्रीय विस्तार की नीति से पीछे हटने वाला नहीं है।


