गाजा पट्टी में इजरायल के हमलों ने एक बार फिर तबाही मचा दी है. पिछले तीन दिनों में इजरायली सेना के हमलों में 592 फलस्तीनियों की जान चली गई, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है. इजरायल की सेना का कहना है कि उसके निशाने पर हमास के ठिकाने हैं, लेकिन स्थानीय लोग और मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि ये हमले महज शुरुआत हैं और जब तक हमास पूरी तरह से नष्ट नहीं हो जाता, तब तक सैन्य अभियान जारी रहेगा.
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि गुरुवार को किए गए हमलों में कम से कम 85 लोग मारे गए, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे थे. इजरायल की सेना ने एक नया फरमान जारी कर दिया है, जिसके तहत अब फलस्तीनियों को दक्षिण से उत्तरी गाजा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा, उत्तरी गाजा में नाकाबंदी को फिर से बहाल कर दिया गया है, जो जनवरी में हुए संघर्ष विराम से पहले लागू थी.
इजरायल ने मंगलवार सुबह भीषण हवाई हमले किए थे, जिनमें 400 से अधिक फलस्तीनी मारे गए थे. इसके बाद बुधवार को हुए हमलों में कम से कम 35 लोगों की मौत हुई थी. गुरुवार को भी इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में हमला किया, जिसमें कई लोगों की जान चली गई. गाजा में रह रहे लोग इन हमलों से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, और जीवन की मूलभूत जरूरतों तक से महरूम हो चुके हैं.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारित बयान में कहा कि गाजा पर इजरायली हमले 'सिर्फ शुरुआत' हैं. उन्होंने कहा कि जब तक हमास पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता और उसके कब्जे में बंधक बनाए गए सभी लोगों को छुड़ा नहीं लिया जाता, तब तक हमले जारी रहेंगे.
7 अक्टूबर 2023 को हमास के आतंकियों ने दक्षिणी इजरायल में हमला किया था, जिसमें 1200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और 250 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया गया था. इसके जवाब में इजरायल ने सैन्य अभियान शुरू किया, जो अब तक जारी है. इस युद्ध में अब तक 48,000 से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं और एक लाख से अधिक लोग घायल हो चुके हैं. First Updated : Friday, 21 March 2025