नई दिल्ली: इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम समझौते के बावजूद गाजा पट्टी में संघर्ष की स्थिति अभी भी जारी है. शनिवार को इजराइली रक्षा बल (IDF) ने सेंट्रल गाजा के नुसेरत क्षेत्र में एक हवाई हमला किया, जिसमें एक इस्लामिक जिहाद सदस्य को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया. इजराइल ने इस हमले का कारण बताया कि यह इजराइली सैनिकों पर संभावित हमले को रोकने के उद्देश्य से किया गया था. हालांकि, हमास ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.
यह हमला उस समय हुआ जब गाजा पट्टी में इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम लागू था, लेकिन दोनों पक्ष एक-दूसरे पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं. वहीं, इस हमले में गाजा में चार लोग घायल हो गए, जिनका इलाज अस्पताल में किया जा रहा है.
इजराइल द्वारा किया गया यह हवाई हमला गाजा में हो रहे संघर्ष के बीच एक और विवाद का कारण बन गया है. अल-अवदा अस्पताल के अधिकारियों ने पुष्टि की कि नुसेरत क्षेत्र में हुए हमले के बाद चार घायलों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया. बताया जा रहा है कि इजराइली सेना ने इस हमले के दौरान एक नागरिक वाहन को निशाना बनाया, जिसमें चार लोग घायल हो गए.
वहां मौजूद लोगों के अनुसार, इजराइली ड्रोन ने गाजा के नुसेरत क्षेत्र में एक कार पर हमला किया, जिससे वाहन में आग लग गई. गाजा के स्वास्थ्यकर्मियों के मुताबिक, इस हमले में चार लोग घायल हुए हैं, हालांकि किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है.
इस हमले के बाद इजराइल ने गाजा सिटी के पूर्वी इलाकों में गोलाबारी की. गाजा सिटी, जो इस क्षेत्र का सबसे बड़ा शहरी केंद्र है, पर इजराइली टैंकों द्वारा की गई गोलाबारी ने वहां की स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है. फिलहाल, हमास और इजराइल दोनों ही युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप एक-दूसरे पर लगा रहे हैं.
एक अन्य महत्वपूर्ण घटना के तहत, इजराइल ने अपनी पुरानी नीति से हटते हुए मिस्र के प्रतिनिधियों को गाजा पट्टी में प्रवेश की अनुमति दी है. ये प्रतिनिधि 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए हमलों में अगवा किए गए इजराइली बंधकों के शवों की तलाश में मदद करेंगे. युद्धविराम समझौते के तहत हमास ने सभी अगवा किए गए बंधकों को वापस करने का वादा किया था, लेकिन अब भी 18 बंधकों के शव गाजा में मौजूद हैं.
हालांकि हमास ने 7 अक्टूबर 2023 के हमलों के दौरान अगवा किए गए सभी 20 जीवित इजराइली बंधकों को रिहा कर दिया है. इन बंधकों को अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति (ICRC) के हवाले किया गया, और बाद में वे अपने परिवारों से इजराइल में मिल गए हैं. First Updated : Sunday, 26 October 2025