MAGA आलोचनाओं के बीच, ममदानी ने शपथ ग्रहण में अपनाई अनूठी रणनीति

न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर ज़ोहरान ममदानी ने शपथ ग्रहण समारोह में तीन कुरानों का उपयोग किया, जिसमें 200 साल पुरानी शोम्बर्ग कुरान भी शामिल थी. उनके इस कदम ने धर्म और पहचान को लेकर देश में बहस और विवाद को जन्म दिया.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

21 दिसंबर को अलबामा के सीनेटर टॉमी ट्यूबरविले ने न्यूयॉर्क शहर के नए मेयर ज़ोहरान ममदानी के शपथ ग्रहण समारोह पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अमेरिका में शरिया कानून का कोई स्थान नहीं है. ममदानी की मुस्लिम पहचान और कुरान पर शपथ लेने के फैसले ने विरोध और बहस को जन्म दिया. इस विवाद का सामना करने के लिए ममदानी की टीम ने एक अनूठा तरीका अपनाया.  

यॉर्क शहर के पहले मुस्लिम मेयर ममदानी 

उन्होंने तीन अलग-अलग कुरान का इस्तेमाल किया, जिनमें से एक अश्वेत इतिहासकार आर्टुरो शोम्बर्ग की 200 साल पुरानी कुरान थी. ममदानी न्यूयॉर्क शहर के पहले मुस्लिम मेयर हैं. उन्होंने निजी शपथ ग्रहण समारोह में अपने दादा की कुरान और शॉम्बर्ग कुरान पर हाथ रखकर शपथ ली. सार्वजनिक शपथ ग्रहण समारोह के लिए, उनकी योजना थी कि वे अपने दादा-दादी की कुरान की दो प्रतियों का उपयोग करेंगे. वरिष्ठ सलाहकार ज़ारा रहीम ने बताया कि इन तीन कुरानों को अद्वितीय और प्रतीकात्मक माना गया, क्योंकि ये न्यूयॉर्क शहर की विविध पहचान का प्रतिनिधित्व करते हैं.

ममदानी भारतीय-अमेरिकी फिल्म निर्माता मीरा नायर और युगांडा-भारतीय शिक्षाविद महमूद ममदानी के पुत्र हैं. उनका परिवार प्रवास और सांस्कृतिक मिश्रण की लंबी कहानी बताता है. हालांकि, ममदानी के कुरान पर शपथ लेने का फैसला अमेरिका में विवादों का कारण बन गया. दक्षिणपंथी आलोचक इसे अमेरिका के पतन के रूप में पेश कर रहे हैं. सीनेटर ट्यूबरविले ने इसे अमेरिका के प्रति निष्ठा की कमी बताते हुए ममदानी की आलोचना की. इसी तरह, धुर दक्षिणपंथी नेता गीर्ट वाइल्डर्स ने इसे अमान्य शपथ करार दिया.

शॉम्बर्ग कुरान कहां बनी थी?

न्यूयॉर्क पब्लिक लाइब्रेरी ने शपथ ग्रहण के लिए शॉम्बर्ग कुरान उधार दी. यह कुरान 19वीं शताब्दी में ओटोमन सीरिया में बनाई गई थी और इसे साधारण उपयोग के लिए डिजाइन किया गया था. आर्टुरो शोम्बर्ग, मुसलमान नहीं थे. उन्होंने अपने संग्रह में कुरान को शामिल किया था. उनका जन्म प्यूर्टो रिको में 1874 में हुआ और उन्होंने न्यूयॉर्क पब्लिक लाइब्रेरी को 4,000 वस्तुएं दान कीं.

क्यूरेटर हिबा आबिद ने कहा कि यह निर्णय प्रतीकात्मक महत्व रखता है, क्योंकि यह मुस्लिम पहचान, आस्था और न्यूयॉर्क शहर के इतिहास को एक साथ जोड़ता है. ममदानी ने शपथ ग्रहण के इस फैसले से यही संदेश देना चाहा कि उनकी प्राथमिकता धर्म या जातीय पहचान नहीं, बल्कि शहर और उसकी विविधता की सेवा है.

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