नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता को आगे बढ़ाने की दिशा में एक नया कदम सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच बातचीत का अगला दौर सोमवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित होने की संभावना है.
सूत्रों के अनुसार, इस महत्वपूर्ण वार्ता के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल रविवार को इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं. यह पहल क्षेत्र में शांति बहाल करने और बढ़ते तनाव को कम करने के लिए चल रहे अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है.
सीएनएन को बातचीत से परिचित ईरानी अधिकारियों ने बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता का नया दौर सोमवार को इस्लामाबाद में होने की उम्मीद है. साथ ही यह भी कहा गया कि प्रतिनिधिमंडलों के रविवार को पाकिस्तान पहुंचने की संभावना है.
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की. इस बैठक में "तनाव कम करने और राजनयिक समाधानों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय प्रयासों" पर चर्चा की गई.
कतर के अमीरी दीवान ने कहा,"अमीर और तुर्की के राष्ट्रपति ने इस संबंध में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और प्रधानमंत्री के प्रयासों के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया."
बताया गया कि ये बैठकें अंताल्या कूटनीति मंच के दौरान आयोजित हुईं.
इसी बीच, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने तेहरान में ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ से मुलाकात की. यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच गुप्त स्तर पर बातचीत तेज हुई है.
अल जजीरा के अनुसार, इस प्रक्रिया में पाकिस्तानी अधिकारियों ने तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी महत्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद जताई है. इससे पहले, तेहरान पहुंचे मुनीर का स्वागत ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने किया था. इस दौरे का उद्देश्य संभावित दूसरे दौर की वार्ता के लिए जमीन तैयार करना बताया जा रहा है.
11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में आयोजित शांति वार्ता, अमेरिका और ईरान के बीच 39 दिनों से चल रहे खाड़ी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक अहम लेकिन अनिर्णायक प्रयास था. पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई यह बैठक 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच पहली उच्च स्तरीय आमने-सामने की बातचीत थी.
इसी दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच 10 दिनों के युद्धविराम की घोषणा की. इसे क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
यह युद्धविराम इजरायल-लेबनान सीमा पर बढ़ती झड़पों के बीच लागू किया गया है, जहां हाल के दिनों में संघर्ष तेज हो गया था.
ट्रम्प ने कहा कि गहन कूटनीतिक प्रयासों के बाद इजरायल और लेबनान युद्धविराम के लिए सहमत हुए हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ "उत्कृष्ट बातचीत" की.
अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, दोनों नेताओं ने इसे एक व्यापक समाधान की दिशा में पहला कदम मानते हुए अस्थायी युद्धविराम का समर्थन किया है.
इजरायल-लेबनान सीमा पर लंबे समय से जारी अस्थिरता के बीच यह युद्धविराम पश्चिम एशिया के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है. कूटनीतिक स्तर पर हो रही ये गतिविधियां क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकती हैं. First Updated : Saturday, 18 April 2026