ईरान से सऊदी अरब की तरफ बढ़ रही है खौफनाक हलचल! समुद्र में दिखी रहस्यमयी चीज ने दुनिया भर में बढ़ाई टेंशन
ईरान ने लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं. ईरान से समुद्र के रास्ते सऊदी अरब की तरफ कुछ ऐसी चीज बढ़ रही है जो आपकी रातों की नींद उड़ा देगी. अलग-अलग थ्योरी से इसे समझा जा रहा है.

नई दिल्ली: जब ट्रंप ने ईरान का झगड़ा खत्म करने का ऑफर ठुकरा दिया तो तेल की कीमतें तुरंत फिर से बढ़ने लगी. इस बीच सैटेलाइट इमेजरी लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं. क्या ईरान से समुद्र के रास्ते सऊदी अरब की तरफ कुछ बढ़ रहा है? इस घटना को समझाने के लिए अलग-अलग थ्योरी दी जा रही हैं.
समुद्र में फैला तेल
ईरान रोजाना 3 मिलियन बैरल से ज्यादा कच्चा तेल बनाता है. इस प्रोडक्शन का ज्यादातर हिस्सा खार्ग आइलैंड पर मौजूद उसके मेन एक्सपोर्ट टर्मिनल से होकर गुजरता है. हवाई तस्वीरें इसी जगह को दिखाती हैं. ऐसा लग रहा है कि जैसे तेल समुद्र में फैल गया हो. इसलिए सवाल उठ रहे हैं कि क्या ईरान की स्टोरेज फैसिलिटी ओवरफ्लो होने लगी हैं? या झगड़े के बीच ईरान की पाइपलाइनें खत्म हो गई हैं?
कच्चे तेल की कैपेसिटी तेजी से हुई कम
वेस्टर्न मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूनाइटेड स्टेट्स और इज़राइल के साथ चल रहे झगड़े की वजह से ईरान की कच्चे तेल की स्टोरेज कैपेसिटी तेजी से कम हो गई है. सबसे बड़ी बात यह है कि, U.S. की नाकाबंदी की वजह से तेल टैंकर फारस की खाड़ी से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. इस वजह से सारा तेल जमा है. ईरान ने ऑफशोर टैंक और फ्लोटिंग स्टोरेज वेसल का इस्तेमाल फिर से शुरू कर दिया है. हालांकि, कुल मिलाकर स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
ईरान तेल प्रोडक्शन क्यों नहीं रोक देता?
यह सवाल भी लोगों के मन में है. समस्या यह है कि ईरान तेल प्रोडक्शन बंद नहीं कर सकता क्योंकि ऐसा करने से उसके अंडरग्राउंड तेल भंडारों को गंभीर और शायद हमेशा के लिए नुकसान होने का खतरा है. इस मुश्किल को देखते हुए यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि ईरान अपना तेल समुद्र में डाल सकता है.
प्रोडक्शन रोकने के क्या नतीजे होंगे?
जब तेल के कुएं लंबे समय तक बंद रहते हैं तो पानी और नैचुरल गैस आस-पास की चट्टानों में रिस सकती है. इससे चट्टानों की पोरोसिटी कम हो सकती है जबकि सिल्ट या पैराफिन तेल वाले पोर्स और पाइपलाइन को बंद कर सकते हैं. बाद में तेल प्रोडक्शन फिर से शुरू करना अक्सर ज्यादा महंगा साबित होता है. कुछ मामलों में तेल प्रोडक्शन कभी भी पूरी तरह से अपने पिछले लेवल पर वापस नहीं आता है.
ईरान में लगभग 3,500 तेल के कुएं हैं
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान में लगभग 3,500 एक्टिव तेल के कुएं हैं जिनसे रोज तेल निकाला जाता है. युद्ध और US की नाकाबंदी की वजह से सप्लाई चेन में रुकावट के बावजूद इन कुओं से तेल निकालना जरूरी है. अगर इन्हें बंद कर दिया गया तो इन कुओं में पानी भर जाएगा और एक बार तेल के कुएं पानी से भर गए तो वे हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे. इसलिए ईरान को रोज़ तेल निकालने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.
रिपोर्ट क्या कहती है
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान की स्टोरेज कैपेसिटी 30 मिलियन बैरल है जो अब पूरी तरह भर चुकी है. 28 अप्रैल को ईरान ने अपने 30 साल पुराने जहाज, नशा पर 2 मिलियन बैरल तेल स्टोर किया था. अब ईरान के पास तेल स्टोर करने की कोई जगह नहीं बची है.


