युद्ध की ओर बढ़े पाकिस्तान-अफगानिस्तान? एयरस्ट्राइक के बाद जंग जैसे हालात
डूरंड लाइन पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव खुली सैन्य कार्रवाई में बदलता दिख रहा है. पाकिस्तानी हवाई हमलों में 130 तालिबानियों के मारे जाने का दावा है. दोनों देशों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं.

नई दिल्ली: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन पर चल रहा तनाव अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है. हालात ऐसे बन गए हैं कि बातचीत और समझौते की गुंजाइश कम होती दिख रही है और सैन्य कार्रवाई हावी होती जा रही है. शुक्रवार को काबुल, कंधार और पक्तिका में पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा की गई बमबारी ने पहले से नाजुक हालात को और बिगाड़ दिया.
हालिया हमला उस संघर्षविराम के बाद हुआ है, जिसे पिछले वर्ष कतर और तुर्की की मध्यस्थता से बड़ी कोशिशों के बाद लागू किया गया था. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि अब धैर्य की सीमा समाप्त हो चुकी है और दोनों देशों के बीच खुला युद्ध शुरू हो गया है. उनके इस बयान ने क्षेत्र में चिंता और बढ़ा दी है.
हवाई हमले और जवाबी दावे
ताजा हमलों के बाद पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसकी कार्रवाई में 130 से अधिक तालिबानी लड़ाके मारे गए हैं. पाकिस्तान का कहना है कि यह कदम रविवार को हुए अफगान हमलों के जवाब में उठाया गया. दूसरी ओर, अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए उसे आक्रामक और हस्तक्षेप करने वाला देश बताया है.
दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है. पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान उसकी जमीन पर हमलों के लिए जिम्मेदार तत्वों को शरण दे रहा है, जबकि अफगान पक्ष इसे पाकिस्तान की अंदरूनी समस्याओं से ध्यान हटाने की कोशिश बता रहा है.
भारत ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
हालिया घटनाओं पर भारत की ओर से अभी तक कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि, पहले के बयानों से भारत का रुख साफ रहा है. भारत ने हमेशा अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया है. इससे पहले जब सीमा पर तनाव बढ़ा था, तब भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की कार्रवाई की आलोचना की थी और कहा था कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक असफलताओं का दोष पड़ोसी देशों पर डालने की पुरानी आदत रखता है.
रमजान के दौरान हुए एक पूर्व हवाई हमले पर भी भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और नागरिकों की मौत पर चिंता जताई थी. भारत ने स्पष्ट किया था कि किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई से आम लोगों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.
भारत-अफगानिस्तान नजदीकी से पाकिस्तान चिंतित
पिछले कुछ समय से अफगानिस्तान और भारत के बीच संपर्क और बातचीत बढ़ी है. उच्च स्तरीय बैठकों और राजनयिक संवाद ने दोनों देशों के रिश्तों को नया आयाम दिया है. यही बात पाकिस्तान के लिए चिंता का कारण बन रही है. इस्लामाबाद का आरोप है कि अफगान जमीन पर भारत का प्रभाव बढ़ रहा है, लेकिन भारत इन आरोपों को निराधार बताता है.


