Asim Munir: पाकिस्तान की राजनीति एक बार फिर सेना के दखल के आरोपों को लेकर चर्चा में है. इस बार आरोप लगे हैं देश के वर्तमान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर पर. पाकिस्तानी सेना के पूर्व मेजर और अब व्हिसलब्लोअर बन चुके मेजर (सेवानिवृत्त) आदिल राजा ने असीम मुनीर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे खुद को राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं और प्रधानमंत्री की कुर्सी अपने रिश्तेदार को सौंपना चाहते हैं.
राजा ने दावा किया कि पाकिस्तान के पहले से ही कमजोर लोकतंत्र को मुनीर पूरी तरह से नियंत्रण में लेना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सेना प्रमुख की योजना है कि सत्ता पर पूरी तरह से पकड़ बनाकर न्यायपालिका और राजनीति दोनों को अपने नियंत्रण में कर लिया जाए.
एक इंटरव्यू में मेजर आदिल राजा ने बताया कि असीम मुनीर ने पहले खुद को फील्ड मार्शल घोषित किया और अब राष्ट्रपति बनने की योजना बना रहे हैं. उन्होंने कहा, "कथित तौर पर यह योजना सेना प्रमुख आसिम मुनीर की है. वह अपने रिश्तेदार को प्रधानमंत्री और खुद को या किसी अन्य जनरल को राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं."
राजा के अनुसार, मुनीर देश में अराजकता फैलाकर सत्ता पर पूर्ण नियंत्रण पाना चाहते हैं और इसके लिए वह हर लोकतांत्रिक संस्था को कमजोर करने में लगे हैं.
राजा ने कहा कि असीम मुनीर के पाकिस्तान के वर्तमान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ संबंध सामान्य नहीं हैं. इसके चलते वह खुद राष्ट्रपति बनने की योजना बना रहे हैं ताकि किसी भी तरह की असहमति को जड़ से समाप्त किया जा सके.
राजा ने यह आरोप लंदन में 21 जुलाई से शुरू हुए एक मानहानि मुकदमे से कुछ दिन पहले लगाए. उन्होंने कहा, "यह पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान और उसकी खुफिया एजेंसी ISI द्वारा मेरे खिलाफ शुरू की गई क़ानूनी लड़ाई का हिस्सा है."
राजा पर ISI के पंजाब सेक्टर कमांडर ब्रिगेडियर राशिद नासिर ने ब्रिटेन में मानहानि का मुकदमा दायर किया है. इसके पीछे की मंशा को राजा ने खुद को चुप कराने की कोशिश बताया है.
राजा ने कहा कि पाकिस्तानी सेना और ISI ब्रिटेन के उदार मानहानि कानूनों का गलत इस्तेमाल कर रही हैं ताकि वे असहमति को दबा सकें और सेना के अपराधों को छिपा सकें. उन्होंने कहा, "ISI इसे दबाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है. वे बस कोई कवरेज नहीं चाहते, क्योंकि इससे उनकी कमज़ोरियां उजागर होती हैं."
राजा ने खुलासा किया कि पाकिस्तान में उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं. उनकी मां को नजरबंद कर दिया गया है और उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है ताकि वे वापस न जा सकें.
राजा ने यह भी बताया कि ब्रिटेन की आतंकवाद-रोधी पुलिस ने उन्हें नौ महीने तक जांच के घेरे में रखा, लेकिन अंततः उन्हें निर्दोष करार दिया गया.
राजा को उनकी अनुपस्थिति में कोर्ट मार्शल किया गया और पाकिस्तान के आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत 14 साल की सजा सुनाई गई. उनका कहना है कि उनका केवल यही अपराध है कि उन्होंने सेना की राजनीति में दखलंदाजी को उजागर किया. उन्होंने कहा, "मैं सबसे बड़ा पाप कर रहा था, अपनी संस्था के अपराधों को उजागर कर रहा था." First Updated : Wednesday, 23 July 2025