पीओजेके में भारी आक्रोश, 53 मौतों के बाद सड़क पर उतरी जनता, नजारा देख घबराए पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर
पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की शह पर सुरक्षा बलों द्वारा की गई हिंसक कार्रवाई में 53 स्थानीय लोगों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में जनाक्रोश की ज्वाला भड़क उठी है.

नई दिल्ली: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हालात पूरी तरह बेकाबू हो चुके हैं. पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की शह पर सुरक्षा बलों द्वारा की गई हिंसक कार्रवाई में 53 स्थानीय लोगों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में जनाक्रोश की ज्वाला भड़क उठी है. जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में चल रहा नागरिक अधिकार आंदोलन अब और उग्र हो गया है. पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा दी गई बातचीत की पेशकश को प्रदर्शनकारियों ने सिरे से खारिज कर दिया है.
इस्लामाबाद की बातचीत महज टाइम-बायिंग पैंतरा
भारतीय खुफिया अधिकारियों के विश्लेषण के अनुसार, पाकिस्तान सरकार द्वारा दी जा रही बातचीत की पेशकश कोई समाधान निकालने के लिए नहीं, बल्कि समय काटने और अपनी शर्तें थोपने की एक सोची-समझी रणनीति है. जेकेजेएएसी का साफ कहना है कि अतीत में पाकिस्तान ने जितने भी वादे या समझौते किए उन्हें कभी पूरा नहीं किया गया.
चुनी हुई सरकार को बर्खास्त करने की साजिश
खुफिया जानकारी से पता चलता है कि जनरल आसिम मुनीर का मुख्य लक्ष्य पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) पर सीधा और पूर्ण नियंत्रण हासिल करना है. इसके लिए इस्लामाबाद 'आजाद जम्मू-कश्मीर अंतरिम संविधान अधिनियम, 1974' की धारा 56 को लागू करने की योजना बना रहा है. अगर यह धारा लागू हो जाती है, तो PoJK की वर्तमान निर्वाचित स्थानीय सरकार को तुरंत बर्खास्त किया जा सकता है.
प्रशासन की शक्तियां छीन ली
वहां की क्षेत्रीय विधानसभा को भंग कर दिया जाएगा और दैनिक प्रशासन की शक्तियां भी छीन ली जाएंगी. सभी फैसले सीधे इस्लामाबाद से तय होंगे. अभी PoJK कागजों पर एक स्व-शासित क्षेत्र है, जहां रक्षा, विदेश नीति और मुद्रा जैसे मामले पाकिस्तान संभालता है, जबकि स्थानीय व्यवस्था क्षेत्रीय सरकार चलाती है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घिरा पाकिस्तान
अधिकारों और विकास की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब सिर्फ मुजफ्फराबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे PoJK में फैल गया है. विदेशों में रहने वाले कश्मीरी प्रवासियों ने भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तानी सेना के मानवाधिकार उल्लंघनों के बारे में जानकारी देना शुरू कर दिया है. इससे वैश्विक स्तर पर इस्लामाबाद पर दबाव बढ़ गया है.
इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद
हालात को दुनिया से छिपाने के लिए पाकिस्तान ने क्षेत्र में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी हैं. यूट्यूब पत्रकार सोहराब बरकत को सच्चाई दिखाने के आरोप में हिरासत में लिया गया है, जिससे जनता का गुस्सा बढ़ गया है. पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़े वैश्विक संगठन 'कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स' ने भी इस दमन पर चिंता जताते हुए पत्रकार की तुरंत रिहाई की मांग की है.


