ईरान जंग पर मध्यस्थता के बीच टूटा पाकिस्तान के डिप्टी पीएम का कंधा, फिर भी नहीं छोड़ा कार्यक्रम

इस्लामाबाद में बैठक के दौरान पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार गिरकर घायल हो गए और उनके कंधे में हेयरलाइन फ्रैक्चर हो गया. इसके बावजूद उन्होंने दर्द में भी दिनभर महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठकों में हिस्सा लिया.

Shraddha Mishra

मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को कम करने की कोशिशों के बीच पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के साथ एक अप्रत्याशित हादसा हो गया. जिस समय वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहम भूमिका निभा रहे थे, उसी दौरान इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गिर पड़े. इस घटना ने कूटनीतिक गतिविधियों के बीच उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

यह घटना 29 मार्च को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय में हुई. उस दिन इशाक डार मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलाती का स्वागत करने के लिए रेड कार्पेट पर पहुंचे थे. फोटो खिंचवाने और हाथ मिलाने के लिए जैसे ही वे आगे बढ़े, उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गिर गए. गिरने से उनके कंधे और पैर में चोट आई. हालांकि उस समय उन्होंने कार्यक्रम जारी रखा और बैठकें पूरी कीं, लेकिन बाद में जांच में चोट की गंभीरता सामने आई.

बेटे ने दी स्वास्थ्य की जानकारी

इशाक डार के बेटे अली डार ने सोशल मीडिया के जरिए उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि चोट लगने के बावजूद डार ने पूरे दिन अपनी जिम्मेदारियां निभाईं और जरूरी बैठकों में हिस्सा लिया. रात में मेडिकल जांच कराई गई, जिसमें एक्स-रे से पता चला कि उनके कंधे में हेयरलाइन फ्रैक्चर है. फिलहाल डॉक्टरों ने दवाइयों और आराम की सलाह दी है, जिससे कुछ दिनों में स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है.

क्या होता है हेयरलाइन फ्रैक्चर?

हेयरलाइन फ्रैक्चर, जिसे स्ट्रेस फ्रैक्चर भी कहा जाता है, हड्डी में आने वाली बहुत छोटी दरार होती है. इसमें हड्डी पूरी तरह नहीं टूटती, बल्कि सतह पर हल्की सी क्रैक बन जाती है. अगर समय पर इलाज न किया जाए तो यह गंभीर रूप ले सकता है. आमतौर पर ऐसे मामलों में 4 से 8 हफ्तों तक प्रभावित हिस्से पर ज्यादा दबाव न डालने की सलाह दी जाती है.

अहम बैठक में जुटे थे चार देशों के मंत्री

इस हादसे के दौरान इस्लामाबाद में एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय बैठक चल रही थी. इसमें पाकिस्तान के अलावा सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्री शामिल थे. बैठक का मुख्य उद्देश्य ईरान से जुड़े संघर्ष को शांत करना और हालात को बिगड़ने से रोकना था. यह संघर्ष एक महीने से ज्यादा समय से जारी है और अब इसके फैलने की आशंका भी बढ़ रही है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है.

मध्यस्थ की भूमिका में पाकिस्तान

पाकिस्तान इस पूरे मामले में खुद को तटस्थ बताते हुए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. वह अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कराने में भी सक्रिय है. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने अमेरिका का एक विस्तृत प्रस्ताव ईरान तक पहुंचाया है और दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता बनाने की कोशिश कर रहा है. इसके साथ ही इशाक डार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच सीधी वार्ता की मेजबानी भी कर सकता है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो