स्पेन ने अमेरिकी विमानों के लिए बंद किया अपना हवाई क्षेत्र, डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ी

स्पेन ने ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों के लिए अमेरिकी विमानों पर अपने एयरस्पेस और सैन्य ठिकानों के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी है. सरकार ने इस युद्ध को गैरकानूनी बताते हुए अमेरिका और इजरायल की नीति का कड़ा विरोध किया है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

स्पेन ने मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक सख्त और स्पष्ट रुख अपनाते हुए अमेरिका के सैन्य विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र के उपयोग पर रोक लगा दी है. रक्षा मंत्री मार्गरिटा रोब्लेस ने सोमवार को घोषणा की कि यह निर्णय पहले से ही अमेरिकी प्रशासन को स्पष्ट रूप से बता दिया गया था. 

मार्गरिटा रोब्लेस ने क्या कहा?

उन्होंने दोहराया कि स्पेन न तो अपने सैन्य ठिकानों और न ही अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल ईरान से जुड़े किसी भी सैन्य अभियान के लिए होने देगा. दरअसल, यह कदम अचानक नहीं उठाया गया है. इससे पहले ही स्पेन ने अपने प्रमुख सैन्य अड्डों रोता और मोरॉन को अमेरिका के लिए ईरान से संबंधित किसी भी कार्रवाई में इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया था. अब इस नीति को और सख्त करते हुए हवाई क्षेत्र पर भी यही प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. सरकार का कहना है कि यह निर्णय उसकी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय नियमों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

स्पेन यूरोप में उन देशों में शामिल है जो अमेरिका और इजरायल की मध्य पूर्व नीति की खुलकर आलोचना करते रहे हैं. रक्षा मंत्री रोब्लेस ने इस संघर्ष को “अनुचित और गैरकानूनी” बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है. उनके मुताबिक, स्पेन शुरू से ही इस युद्ध से दूरी बनाए हुए है और किसी भी रूप में इसमें शामिल नहीं होना चाहता.

क्या बोले जोस मैनुएल अल्बारेस?

विदेश मंत्री जोस मैनुएल अल्बारेस ने भी स्पष्ट किया कि स्पेन के सैन्य ठिकानों का उपयोग केवल उन्हीं गतिविधियों के लिए किया जा सकता है, जो द्विपक्षीय समझौतों और संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुरूप हों. इस फैसले के बाद अमेरिका के कई सैन्य विमान, जिनमें केसी-135 टैंकर भी शामिल हैं, स्पेन के दक्षिणी ठिकानों को छोड़कर जर्मनी और अन्य स्थानों की ओर चले गए. बताया जा रहा है कि ये विमान ईरान के खिलाफ अभियानों में ईंधन आपूर्ति की भूमिका निभा रहे थे.

स्पेन के इस कड़े रुख से नाटो सहयोगी अमेरिका के साथ उसके संबंधों में तनाव बढ़ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए व्यापारिक प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी थी, लेकिन स्पेन सरकार अपने निर्णय पर कायम है. प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने भी इस सैन्य कार्रवाई को खतरनाक बताते हुए कहा कि स्पेन किसी भी हालत में इस संघर्ष का हिस्सा नहीं बनेगा.

विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेन का यह कदम यूरोप में अमेरिका की ईरान नीति के खिलाफ सबसे स्पष्ट और मजबूत विरोध के रूप में सामने आया है. सरकार का कहना है कि उसके सभी सैन्य ठिकाने और संसाधन पूरी तरह स्पेन की संप्रभुता के अधीन हैं और उनका उपयोग केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में ही किया जाएगा.

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