'पाकिस्तान मध्यस्थता का हकदार नहीं...', ईरान-US युद्ध में पाक की भूमिका पर इजरायली एंबेसडर का तीखा बयान
इजरायल के भारत में राजदूत रॉयवेन अजार ने अमेरिका की कोशिशों के बावजूद पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया. वहीं लेबनान इन दिनों संघर्ष के सबसे खूनी दिन से जूझ रहा है, जो पूरे मीडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा रहा है.

नई दिल्ली: इजरायल ने मध्य पूर्व संघर्ष में पाकिस्तान को विश्वसनीय मध्यस्थ की भूमिका निभाने से साफ इनकार कर दिया है. वहीं अमेरिका पाकिस्तान को ईरान और उसके सहयोगियों से जुड़े अपने कूटनीतिक प्रयासों में लगातार शामिल कर रहा है. इजरायल के भारत में राजदूत रुवेन अजार ने नई दिल्ली में कहा कि उनका देश पाकिस्तान को मध्यस्थता के लिए विश्वसनीय खिलाड़ी नहीं मानता. उन्होंने अमेरिका के फैसले को उसकी अपनी रणनीतिक जरूरत बताया.
इजरायल का पाकिस्तान पर तीखा बयान
इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने मीडिया से बातचीत में कहा, हम पाकिस्तान को एक विश्वसनीय खिलाड़ी के रूप में नहीं देखते हैं. मुझे लगता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने निजी कारणों से पाकिस्तान की मध्यस्थता सेवाओं का उपयोग करने का निर्णय लिया है. हमने अतीत में देखा है कि कैसे संयुक्त राज्य अमेरिका कतर और तुर्की जैसे समस्याग्रस्त राज्यों का लाभ उठाकर हमास के साथ समझौता करने के लिए उनका इस्तेमाल करता रहा है. आगे कहा, हमारे लिए, हम जो परिणाम देखना चाहते हैं, उसके सार और मूल तत्व के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ तालमेल बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है.
लेबनान में हिंसा भड़की
राजदूत के बयान ऐसे समय में आए हैं जब लेबनान में हिंसा तेज हो गई है. बुधवार को इजरायल ने बीरूत के घनी आबादी वाले इलाकों पर हमले किए, ठीक उसी दिन जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा हुई थी. लेबनानी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में कम से कम 182 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए. यह वर्तमान चरण में इजरायल-हिज्बुल्लाह संघर्ष का सबसे घातक दिन साबित हुआ.
ट्रंप का स्पष्टीकरण
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि सीजफायर व्यवस्था में लेबनान शामिल नहीं है. हिज्बुल्लाह की मौजूदगी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि लेबनान में हो रही झड़प एक अलग झड़प है.
पाकिस्तान PM शरीफ की पहल
इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने वाशिंगटन और तेहरान के प्रतिनिधियों को शुक्रवार को इस्लामाबाद आमंत्रित किया है ताकि मध्य पूर्व संघर्ष पर स्थायी सीजफायर को अंतिम रूप दिया जा सके. शरीफ ने एक्स पर लिखा, अत्यंत विनम्रता के साथ, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका, अपने सहयोगियों के साथ, लेबनान और अन्य जगहों सहित हर जगह तत्काल प्रभाव से युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं.
उन्होंने आगे लिखा, दोनों पक्षों ने असाधारण बुद्धिमत्ता और सूझबूझ का प्रदर्शन किया है और शांति एवं स्थिरता के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में रचनात्मक रूप से संलग्न रहे हैं. हम पूरी उम्मीद करते हैं कि 'इस्लामाबाद वार्ता' स्थायी शांति प्राप्त करने में सफल होगी और आने वाले दिनों में और भी अच्छी खबरें साझा करने की कामना करते हैं.


