होर्मुज संकट का सीधा असर पाकिस्तान पर, पेट्रोल-डीजल 55 रुपये महंगा, देशभर में मचा हाहाकार
मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य संकट का असर पाकिस्तान में दिखने लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमत एक झटके में 55 रुपये बढ़ा दी गई है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने तेल बाजार को हिला दिया है। इसी बीच पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। सरकार ने एक झटके में दोनों ईंधनों के दाम 55 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए। इस फैसले के बाद पूरे देश में हलचल मच गई है।
क्या पेट्रोल 321 रुपये पहुंचा?
नई कीमतों के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल बेहद महंगा हो गया है। पहले पेट्रोल 266.17 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था। अब इसकी कीमत बढ़कर 321.17 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं हाई स्पीड डीजल की कीमत भी तेजी से बढ़ी है। डीजल 280.86 रुपये से बढ़कर 335.86 रुपये प्रति लीटर हो गया है। अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
क्या सरकार ने बढ़ाई लेवी?
सरकार ने पेट्रोलियम डेवलपमेंट लेवी में भी बदलाव किया है। पेट्रोल पर लगने वाली लेवी को बढ़ाकर 105 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। पहले यह 84.40 रुपये थी। हालांकि डीजल पर लेवी घटाकर 55 रुपये कर दी गई है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए लिया गया है।
क्या हर हफ्ते बदलेगी कीमत?
पाकिस्तान सरकार ने संकेत दिया है कि ईंधन की कीमतों की समीक्षा अब हर हफ्ते की जाएगी। अगर वैश्विक बाजार में तेल सस्ता होता है तो कीमतें कम भी की जा सकती हैं। फिलहाल सरकार का कहना है कि देश में तेल की सप्लाई बनाए रखने के लिए स्टॉक सुरक्षित रखा गया है। साथ ही जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
क्या पेट्रोल पंपों पर लगी लाइन?
कीमत बढ़ने के बाद कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग गईं। लोग आशंका जता रहे हैं कि आने वाले दिनों में तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी डर से लोग ज्यादा से ज्यादा ईंधन भरवाने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान की कमजोर अर्थव्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
क्या नया तेल रास्ता खोज रहा पाकिस्तान?
होर्मुज जलडमरूमध्य के संकट को देखते हुए पाकिस्तान ने नया रास्ता तलाशना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान ने सऊदी अरब से वैकल्पिक सप्लाई की मांग की है। पाकिस्तानी मंत्री ने सऊदी राजदूत से मुलाकात कर लाल सागर के यनबू पोर्ट के जरिए तेल भेजने का अनुरोध किया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि पाकिस्तान के ज्यादातर तेल टैंकर होर्मुज के रास्ते आते हैं।
क्या बढ़ेगा ऊर्जा संकट?
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव जारी रहा तो पाकिस्तान को गंभीर ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है। तेल सप्लाई रुकने से कीमतें और बढ़ सकती हैं। इससे महंगाई भी तेजी से बढ़ेगी। फिलहाल पाकिस्तान सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है और वैकल्पिक सप्लाई सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है।


