ईरान में सत्ता परिवर्तन संभव या भ्रम? पूर्व राजनयिक ने बताया सच
ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमलों और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है. इसी बीच ईरान में संभावित सत्ता परिवर्तन को लेकर बहस तेज हो गई है.
नई दिल्ली: अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए. इस घटनाक्रम के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान में इस्लामी शासन समाप्त हो सकता है. पूर्व भारतीय राजनयिक अचल मल्होत्रा का मानना है कि सत्ता परिवर्तन न तो आसान है और न ही अमेरिका के लिए संभव. उनके अनुसार, भले ही मौजूदा धर्म आधारित शासन व्यवस्था खत्म हो जाए, लेकिन ऐसा कोई विश्वसनीय विकल्प नजर नहीं आता जो राजनीतिक शून्य को भर सके. रजा पहलवी का नाम चर्चा में आता है, पर अमेरिका के भीतर भी इस पर सहमति नहीं है. उन्होंने कहा कि ईरानी जनता में असंतोष जरूर है, लेकिन वे बाहरी ताकतों द्वारा सत्ता तय किए जाने को स्वीकार नहीं करेंगे. मल्होत्रा के मुताबिक, ईरान का भविष्य आंतरिक राजनीतिक प्रक्रिया से ही तय होगा.


