मिडिल ईस्ट में फंसे अमेरिकी, 1500 से ज्यादा लोगों ने लगाई मदद की गुहार

मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की चुनौती से जूझ रहा है. 1,500 से ज्यादा अमेरिकियों ने मदद मांगी है, जबकि इजरायल में अमेरिकी एम्बेसी ने साफ कर दिया है कि वह जमीनी स्तर पर इवैक्युएशन सपोर्ट नहीं दे सकती.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की चुनौती से जूझ रहा है. हालिया हमलों के बाद हालात तेजी से बदले हैं और अमेरिकी प्रशासन को आपात कदम उठाने पड़े हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि हाल में हुए सैन्य हमलों में ईरानी नेतृत्व से जुड़े एक और समूह को निशाना बनाया गया. इस बीच इजरायल ने उस परिसर पर हमला किया, जो ईरान के अगले सुप्रीम लीडर के चयन से जुड़ी एक संस्था से संबंधित बताया जा रहा है. हालांकि ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, हमले से पहले इमारत खाली करा ली गई थी.

तीन देशों में बंद की गईं अमेरिकी एम्बेसी

क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता को देखते हुए अमेरिका ने तीन देशों में अपनी दूतावास सेवाएं बंद कर दी हैं. साथ ही मिडिल ईस्ट में तैनात अपने राजनयिक स्टाफ की संख्या घटा दी गई है. अमेरिकी प्रशासन ने अपने नागरिकों से इस क्षेत्र को जल्द से जल्द छोड़ने की अपील भी की है.

1500 से ज्यादा अमेरिकियों ने मांगी मदद

संयुक्त अरब अमीरात ने पड़ोसी देशों के सहयोग से सुरक्षित एयर कॉरिडोर खोलने की घोषणा की है, ताकि फंसे हुए विदेशी नागरिकों को निकाला जा सके. अमेरिका उन नागरिकों की सहायता कर रहा है, जो क्षेत्र छोड़ना चाहते हैं. अब तक 1,500 से अधिक अमेरिकियों ने औपचारिक रूप से मदद की मांग की है.

इजरायल में सीमित विकल्प

इजरायल में स्थिति और जटिल बताई जा रही है. वहां मौजूद अमेरिकियों के पास सीमित विकल्प हैं. इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने स्पष्ट किया है कि एम्बेसी जमीनी स्तर पर निकासी सहायता उपलब्ध नहीं करा सकती.

राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि हमलों से पहले मिडिल ईस्ट में अमेरिकी नागरिकों के लिए कोई औपचारिक निकासी योजना तैयार नहीं थी. इससे मौजूदा सैन्य अभियानों के बीच नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में आ रही लॉजिस्टिक चुनौतियां उजागर हुई हैं.

बढ़ती दुश्मनी और अस्थिरता का असर

तेजी से बदलते हालात इस क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता और अमेरिका, इजरायल तथा ईरान के बीच गहराते तनाव को दर्शाते हैं. इन परिस्थितियों में विदेशी नागरिकों के सामने सुरक्षा संबंधी जोखिम लगातार बढ़ते जा रहे हैं.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag