बीमा कंपनियों के फैसले से थमा होर्मुज, क्या यह वॉशिंगटन की चाल है?

होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही पर लगे अचानक ब्रेक ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मचा दी है.बीमा कंपनियों द्वारा वॉर रिस्क कवर वापस लेने के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चुप्पी और संभावित रणनीति को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही में आई अचानक रुकावट ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को झकझोर दिया है. पहली नजर में यह युद्धकाल जैसी स्थिति लग सकती है, लेकिन कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह महज सैन्य तनाव नहीं, बल्कि एक बड़ी जियोपॉलिटिकल रणनीति की शुरुआत भी हो सकती है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक ऊर्जा अर्थशास्त्री ने कहा है कि वैश्विक ऊर्जा तंत्र अब "अनदेखे इलाके" में प्रवेश कर चुका है. इसकी वजह यह है कि बीमा कंपनियों ने दुनिया के सबसे अहम ऑयल चोकपॉइंट से गुजरने वाले जहाजों के लिए वॉर रिस्क कवर अचानक वापस ले लिया है.

क्या है संकट की असली वजह?

अर्थशास्त्री ने कहा, "हम क्रूड ऑयल, रिफाइंड प्रोडक्ट्स, एलएनजी, नेचुरल गैस लिक्विड्स, फर्टिलाइजर्स, मेथनॉल और दूसरे पेट्रोलियम डेरिवेटिव्स समेत कई एनर्जी और कमोडिटी मार्केट्स में नए क्षेत्र में जा रहे हैं."

रिपोर्ट के अनुसार, इस संकट की वजह टैंकरों पर ईरान का सीधा हमला नहीं था, बल्कि एक वित्तीय झटका था, जिसने लगभग रातों-रात शिपिंग गतिविधियों को ठप कर दिया. बीमा कवरेज के अचानक हटने या प्रीमियम में भारी बढ़ोतरी के कारण जहाज मालिकों ने जोखिम उठाने से इनकार कर दिया.

ऐसा पहले कभी नहीं हुआ

अर्थशास्त्री के मुताबिक, बड़ी यूरोपीय और वैश्विक बीमा कंपनियों ने अचानक होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए युद्ध जोखिम कवरेज रद्द कर दिया या इतना महंगा कर दिया कि संचालन असंभव हो गया. उन्होंने कहा, "किसी ने भी इसकी उम्मीद नहीं की थी. हालांकि हाल के दशकों में दुनिया ने शिपिंग में रुकावटें देखी हैं, लेकिन ऐसा पहले कभी नहीं हुआ."

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है. दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग 15 से 20 प्रतिशत और एलएनजी शिपमेंट का करीब 20 प्रतिशत इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता है, जो फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजार से जोड़ता है.

ट्रंप की चुप्पी पर सवाल

तेल की ऊंची कीमतों की अक्सर आलोचना करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  इस बीमा संकट पर अब तक खामोश रहे हैं. विश्लेषकों का मानना है कि यह रुकावट ईरानी सैन्य कार्रवाई से कम और वैश्विक वित्तीय तंत्र के अंदर लिए गए फैसलों का नतीजा ज्यादा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा कीमतों पर सीधा असर पड़ रहा है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag