'ईरान का नया सुप्रीम लीडर भी होगा निशाने पर', इजरायल के रक्षा मंत्री ने दी खुली धमकी

इजरायल के रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी है कि ईरान का कोई भी नया सुप्रीम लीडर अगर इजरायल के खिलाफ कदम उठाएगा तो उसे निशाना बनाया जाएगा. दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष से क्षेत्र में तनाव चरम पर है.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब सीधे शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने की खुली चेतावनियां दी जा रही हैं. इजरायल के रक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर ईरान में कोई नया सुप्रीम लीडर ऐसा कदम उठाता है जिससे इजरायल को खतरा हो, तो उसे भी निशाना बनाया जाएगा. इस बयान के बाद क्षेत्रीय राजनीति और अधिक गरमा गई है.

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल ने बुधवार को सख्त बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि ईरान में जो भी नया नेता नियुक्त होगा और अगर वह इजरायल को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाएगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा. उनके अनुसार, नाम या ठिकाना कोई मायने नहीं रखता, इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए हर कदम उठाएगा. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मुज्तबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना जा सकता है. हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि अभी तक स्पष्ट नहीं है.

अमेरिका के साथ मिलकर कार्रवाई की बात

रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि इजरायल अपने अमेरिकी सहयोगियों के साथ मिलकर ईरानी शासन की ताकत को कमजोर करने की दिशा में काम करेगा. उनका कहना था कि ऐसे हालात बनाए जाएंगे, जिससे ईरान की जनता खुद बदलाव की दिशा में आगे बढ़ सके.

जंग का बढ़ता दायरा

इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष अब कई दिनों से जारी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह टकराव लंबा खिंच सकता है. उन्होंने कहा कि यह संघर्ष कई हफ्तों या उससे अधिक समय तक चल सकता है. हाल के दिनों में तेहरान में विस्फोटों की खबरें सामने आईं. ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, राजधानी के आसपास धमाके सुने गए. वहीं इजरायल ने दावा किया कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के जवाब में उसे अपनी हवाई सुरक्षा प्रणाली सक्रिय करनी पड़ी.

हवाई हमले और जवाबी कार्रवाई

एक दिन पहले इजरायल ने ईरान के मिसाइल ठिकानों और एक परमाणु अनुसंधान केंद्र पर हवाई हमला किया था. इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और अन्य स्थानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. साथ ही सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आईं. संघर्ष की वजह से ऊर्जा आपूर्ति और यात्रा सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस टकराव में अब तक ईरान में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, जबकि इजरायल में भी कई नागरिक मारे गए हैं.

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