नॉर्वे में पीएम मोदी का संबोधन, ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप का ऐलान
नॉर्वे आना उनके लिए खुशी की बात है। यह देश प्रकृति और मानव प्रगति के बीच संतुलन का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने नॉर्वे के प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद किया। पीएम ने नॉर्वे के संविधान दिवस पर वहां की जनता को शुभकामनाएं दीं।

नई दिल्ली: नॉर्वे दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ज्वाइंट प्रेस मीट में भारत और नॉर्वे के रिश्तों को नई दिशा देने की बात कही। पीएम मोदी ने बताया कि दोनों देश अब ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप बनाने जा रहे हैं। इस साझेदारी में क्लीन एनर्जी, क्लाइमेट रेजिलियंस, ब्लू इकोनॉमी और ग्रीन शिपिंग जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। भारत की स्केल और टैलेंट को नॉर्वे की टेक्नोलॉजी और कैपिटल के साथ जोड़कर ग्लोबल सॉल्यूशन तैयार किए जाएंगे।
पहलगाम हमले का जिक्र कर जताया नॉर्वे का आभार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नॉर्वे आना उनके लिए खुशी की बात है। यह देश प्रकृति और मानव प्रगति के बीच संतुलन का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने नॉर्वे के प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद किया। पीएम ने नॉर्वे के संविधान दिवस पर वहां की जनता को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने बताया कि पिछले साल उन्हें नॉर्वे आना था, लेकिन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के कारण यात्रा टालनी पड़ी। उस मुश्किल समय में नॉर्वे ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का साथ देकर सच्ची दोस्ती दिखाई। पीएम मोदी ने इस एकजुटता के लिए नॉर्वे का दिल से आभार जताया।
100 बिलियन निवेश और 1 मिलियन जॉब का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, कई जगह संघर्ष चल रहा है। ऐसे में भारत और यूरोप अपने रिश्तों के नए सुनहरे दौर में कदम रख रहे हैं। पिछले साल भारत और यूरोपीयन फ्री ट्रेड एसोसिएशन के बीच ऐतिहासिक ट्रेड और इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट लागू हुआ।
यह समझौता भारत और नॉर्वे के बीच साझा तरक्की का ब्लूप्रिंट है। इसके तहत अगले 15 साल में भारत में 100 बिलियन डॉलर का निवेश और 1 मिलियन नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य है। पीएम ने कहा कि दोनों देशों ने इस वादे को नतीजों में बदलने के लिए अहम फैसले लिए हैं।
रिसर्च, स्पेस और आर्कटिक में बढ़ेगा सहयोग
पीएम मोदी ने बताया कि रिसर्च, एजुकेशन और इनोवेशन दोनों देशों के रिश्तों के मजबूत पिलर हैं। सस्टेनेबिलिटी, ओसियन एनर्जी, जूलॉजी और हेल्थ के क्षेत्र में रिसर्च सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। इंजीनियरिंग, एआई, साइबर और डिजिटल सेक्टर में यूनिवर्सिटी और स्टार्टअप सिस्टम को जोड़कर पार्टनरशिप को फ्यूचर रेडी बनाया जाएगा।
स्किल डेवलपमेंट और टैलेंट मोबिलिटी पर भी काम होगा। नॉर्वे आर्कटिक क्षेत्र का अहम देश है। आर्कटिक और पोलर रिसर्च में भारत का नॉर्वे से पुराना सहयोग है। भारत के आर्कटिक रिसर्च स्टेशन हिमाद्री के लिए पीएम ने नॉर्वे का आभार जताया। इसरो और नॉर्वे स्पेस एजेंसी के बीच हुए MOU से स्पेस सहयोग को नई ताकत मिलेगी।


