'वार्ताकारों की सुरक्षा के लिए करें प्रार्थना', वेंस के पाकिस्तान दौरे पर पूर्व व्हाइट हाउस अधिकारी की चेतावनी
पाकिस्तान में प्रस्तावित अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से पहले सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता सामने आई है. व्हाइट हाउस के पूर्व अधिकारी एरी फ्लेशर ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के दौरे को लेकर चेतावनी देते हुए वार्ताकारों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं.

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को पाकिस्तान में प्रस्तावित शांति वार्ता से पहले सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं. व्हाइट हाउस के पूर्व प्रेस सचिव एरी फ्लेशर ने इस अहम कूटनीतिक बैठक से पहले अमेरिकी प्रतिनिधियों, खासकर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की सुरक्षा को लेकर आगाह किया है.
फ्लेशर का कहना है कि पाकिस्तान में इस तरह के उच्चस्तरीय दौरे हमेशा जोखिम भरे रहे हैं. उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों के सामने यह एक बड़ी चुनौती हो सकती है.
पाकिस्तान दौरे को लेकर जताई गंभीर चिंता
एरी फ्लेशर ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि पाकिस्तान जैसे देश में अमेरिकी वार्ताकारों की सुरक्षा को लेकर ठोस कारणों से चिंता बनी हुई है. उन्होंने पाकिस्तान को 'हथियारों से लैस और खतरनाक' बताते हुए कहा कि वहां सरकार का पूर्ण नियंत्रण नहीं है, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है.
पहले भी जोखिम भरे रहे हैं हाई-प्रोफाइल दौरे
फ्लेशर ने अतीत के उदाहरणों का हवाला देते हुए बताया कि पाकिस्तान में शीर्ष नेताओं की यात्राएं पहले भी चुनौतीपूर्ण रही हैं. उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को अपनी यात्रा के दौरान 'डेकॉय एयरक्राफ्ट' का इस्तेमाल करना पड़ा था और सुरक्षा कारणों से गुप्त रूप से विमान बदलना पड़ा था, ताकि उनकी लोकेशन का पता न चल सके.
इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि साल 2006 में सीक्रेट सर्विस ने राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की पाकिस्तान यात्रा को लेकर भी आपत्ति जताई थी. फ्लेशर के अनुसार, मौजूदा मिशन अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक कठिन परीक्षा साबित हो सकता है.
वार्ता पर इजरायल-लेबनान तनाव का असर
कूटनीतिक स्तर पर भी हालात सामान्य नहीं हैं. अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में दो सप्ताह के सशर्त युद्धविराम पर सहमति बनी थी, जिसे स्थायी रूप देने के लिए इस्लामाबाद में बैठक प्रस्तावित है. हालांकि, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि लेबनान पर इजरायली हमले इस समझौते का उल्लंघन हैं.
तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि ये हमले जारी रहते हैं, तो पाकिस्तान में होने वाली वार्ता का कोई औचित्य नहीं रहेगा.
सुरक्षा के बीच कूटनीति की परीक्षा
पाकिस्तान ने इस महत्वपूर्ण बैठक को सफल बनाने के लिए राजधानी की सुरक्षा कड़ी कर दी है और पूरे शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. इसके बावजूद, सुरक्षा और कूटनीतिक तनाव के बीच इस वार्ता के परिणाम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बातचीत सफल होती है, तो यह पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की दिशा में एक अहम और ऐतिहासिक कदम साबित हो सकती है.


