नई दिल्ली: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के निकट रावलपिंडी में अदियाला जेल के बाहर मंगलवार रात हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मिलने आई उनकी बहनों और समर्थकों पर पाकिस्तानी पुलिस ने हिंसक कार्रवाई की. पुलिस ने उन्हें पकड़कर सड़क पर घसीटा, जिसके कारण इमरान की बड़ी बहन नूरीन खानूम नियाजी की तबीयत अचानक बिगड़ गई. दूसरी बहन अलीमा खानूम और नूरीन खानूम नियाजी ने स्थिति को संभालते हुए मीडिया को पूरी जानकारी दी.
बीते तीन हफ्तों से पाकिस्तान सरकार ने अदियाला जेल में बंद इमरान खान को उनके परिवार से मिलने नहीं दिया है. इसी के विरोध में इमरान की बहनें और पार्टी के अन्य नेता जेल के बाहर धरने पर बैठे थे, लेकिन आधी रात को पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें हटाया.
सूत्रों के अनुसार, पुलिस रात साढ़े 12 बजे नूरीन खानूम नियाजी, अलीमा खानूम और डॉक्टर उज्मा खान को हिरासत में लेकर चकरी पुलिस थाने ले गई. कुछ समय बाद इन्हें छोड़ दिया गया. इस कार्रवाई में कई समर्थक भी घायल हुए और वहां मौजूद पत्रकारों पर भी पुलिस ने जमकर मारपीट की.
पाकिस्तानी सीनेटर अल्लामा राजा नसीर ने इस घटना के बाद सरकार को घेरते हुए कहा कि जैसा सुलूक पाकिस्तानी सरकार ने इमरान खान की बहनों से किया, ऐसा सलूक तो काफिर भी नहीं करते हैं किसी के साथ. जैसे कर्बला की लड़ाई में यजीद फौज ने औरतों के सिर से चादर खींची थी, वैसे ही ये यजीदी नस्ल की हरकत कर रही है.
अदियाला जेल के बाहर प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकार हरमीत सिंह ने भी पुलिस की हिंसा का शिकार होना पड़ा. उनके साथ भी जमकर मारपीट की गई, जो पाकिस्तान में पुलिस और प्रशासन की हिंसक प्रवृत्ति को उजागर करता है.
अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान ख़ान की बहनें जब भी उनसे मिलने जाती हैं, वह उनके संदेश लेकर आती हैं. ये संदेश पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ और इमरान खान के X अकाउंट पर पोस्ट किए जाते हैं, जिनमें इमरान पाकिस्तानी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहनाज शरीफ की आलोचना करते हैं. यही कारण है कि पिछले तीन हफ्तों से सरकार ने बहनों की उनसे मिलने पर पाबंदी लगा दी है. First Updated : Wednesday, 19 November 2025