रूस का यूक्रेन पर बड़ा हवाई हमला, जवाबी कार्रवाई में यूक्रेन ने रूसी तेल और रासायनिक संयंत्रों को बनाया निशाना

रूस ने यूक्रेन पर 70 मिसाइलों और 611 ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमला किया, जबकि यूक्रेन ने जवाबी कार्रवाई में रूस के तेल भंडारण केंद्र और रासायनिक संयंत्र को निशाना बनाया. दोनों देशों के बीच लंबी दूरी के मिसाइल और ड्रोन हमले लगातार तेज हो रहे हैं, जिससे युद्ध और अधिक गंभीर तथा खतरनाक होता जा रहा है.

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नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है. यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूस ने रातभर में देश के विभिन्न हिस्सों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए. बताया गया है कि रूस ने कुल 70 मिसाइलें और 611 ड्रोन दागे, जिन्हें हाल के महीनों में हुए सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक माना जा रहा है.

यूक्रेनी सेना का क्या कहना है?

यूक्रेनी सेना का कहना है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश हमलों को विफल कर दिया. प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, 50 मिसाइलों और 582 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया. इसके बावजूद कई क्षेत्रों में हमलों के कारण नुकसान की खबरें सामने आई हैं. रूस की ओर से किए गए इस व्यापक हमले ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच संघर्ष जल्द खत्म होता नजर नहीं आ रहा.

दूसरी तरफ रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी सेना ने यूक्रेन के सैन्य और रक्षा उद्योग से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया. मंत्रालय के अनुसार, राजधानी कीव सहित खार्किव और द्नीप्रो शहरों में स्थित सैन्य हवाई अड्डों और रक्षा उत्पादन केंद्रों पर सफलतापूर्वक हमले किए गए. रूस ने दावा किया कि उसके सभी सैन्य लक्ष्य पूरी तरह हासिल कर लिए गए.

इसी दौरान यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए रूस के भीतर कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर लंबी दूरी के हमले किए. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेनी बलों ने रूस के यारोस्लाव क्षेत्र में स्थित एक तेल भंडारण केंद्र और तुला क्षेत्र के अजोट रासायनिक संयंत्र को निशाना बनाया. जेलेंस्की के अनुसार, यह रासायनिक संयंत्र रूस के विस्फोटक निर्माण नेटवर्क का अहम हिस्सा है.

रूसी अधिकारियों ने की हमले की पुष्टि

रूसी अधिकारियों ने भी इन हमलों की पुष्टि की है. यारोस्लाव क्षेत्र के गवर्नर मिखाइल येव्रायेव ने कहा कि इलाके पर बड़े पैमाने पर यूक्रेनी ड्रोन हमला हुआ. अधिकांश ड्रोन को रोक लिया गया, लेकिन कुछ ड्रोन ईंधन भंडारण केंद्र तक पहुंचने में सफल रहे, जिससे वहां भीषण आग लग गई.

युद्ध के दौरान यूक्रेन ने अपने स्वदेशी ड्रोन और मिसाइल कार्यक्रम को लगातार मजबूत किया है. इसी क्षमता के दम पर वह अब रूस के अंदर गहराई तक स्थित सैन्य, औद्योगिक और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहा है. ताजा घटनाक्रम से साफ है कि दोनों देशों के बीच लंबी दूरी के मिसाइल और ड्रोन हमलों का दौर लगातार तेज होता जा रहा है, जिससे संघर्ष और अधिक जटिल एवं खतरनाक बनता जा रहा है. First Updated : Monday, 15 June 2026