नई दिल्ली: अमेरिका-ईरान के बीच तनाव चरम पर है और इसी बीच रूस ने ऐसा कदम उठाया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक रूस ने अपना बेहद खास एयरबोर्न कमांड एयरक्राफ्ट Tu-214PU तेहरान भेजा है। ये कोई आम सरकारी विमान नहीं है। इसे रूस का 'फ्लाइंग कमांड सेंटर' और 'डूम्सडे एयरक्राफ्ट' भी कहा जाता है। इस एक उड़ान को सिर्फ यात्रा नहीं माना जा रहा। जानकार इसे मॉस्को और तेहरान के बीच गुप्त और उच्चस्तरीय बातचीत का बड़ा संकेत बता रहे हैं।
Tu-214PU, रूस के Tupolev Tu-214 का सैन्य और सरकारी वर्जन है। इसे खासतौर पर युद्ध या राष्ट्रीय आपदा की स्थिति में देश के शीर्ष नेतृत्व को सुरक्षित रखकर सेना और सरकार चलाने के लिए बनाया गया है।
इस विमान में अत्याधुनिक एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन, सुरक्षित डेटा लिंक और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम लगे हैं। यानी आसमान में रहते हुए भी राष्ट्रपति सीधे सेना को आदेश दे सकते हैं। यही वजह है कि रक्षा विशेषज्ञ इसे 'डूम्सडे प्लेन' की कैटेगरी में रखते हैं।
इसका संचालन रूस की Rossiya Special Flight Squadron करती है। यही यूनिट पुतिन और शीर्ष अधिकारियों की सबसे संवेदनशील उड़ानों को हैंडल करती है। आम VIP विमानों से अलग, Tu-214PU हाई रिस्क वाले इलाकों में भी ऑपरेट कर सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि तनाव के बीच इस विमान का ईरान जाना सिर्फ औपचारिकता नहीं हो सकता। इसके पीछे 3 बड़े कारण हो सकते हैं:
जब एक तरफ अमेरिका ईरान के मिसाइल ठिकानों, एयर डिफेंस और ड्रोन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले कर रहा है, तब रूस की ये सक्रियता क्षेत्र की भू-राजनीति बदल सकती है।
Tu-214PU की बुनियाद सोवियत दौर के Tu-204 प्रोजेक्ट पर है। इस ट्विन-इंजन विमान ने पहली उड़ान 1989 में भरी थी। बाद में इसी से कार्गो, निगरानी और सरकारी वर्जन बनाए गए। रूस 2028 तक हर साल 20 Tu-214 बनाने का लक्ष्य रखता है ताकि विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम हो, लेकिन अभी उत्पादन काफी धीमा है।
इसी बीच अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण नहीं है। ईरान ने इसे खारिज कर दिया और विदेशी दखल पर चेतावनी दी है। बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर ईरानी हमले और मिसाइल अलर्ट की खबरें भी आ चुकी हैं। रूस के 'कयामत' विमान की तेहरान लैंडिंग ने आग में घी डालने का काम किया है। अब सबकी नजर इस पर है कि मॉस्को-तेहरान की इस नजदीकी से मिडिल ईस्ट किस दिशा में जाएगा। First Updated : Monday, 13 July 2026