ब्रिटेन के कैम्ब्रिज शहर में यह घटना सामने आई है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ का कहना है कि शहजाद अकबर पर उनके घर के पास हमला किया गया। हमला करने वाला युवक 25 से 30 साल की उम्र का बताया गया है। उसने चेहरे पर कई बार मुक्के मारे। पार्टी के मुताबिक हमले में नाक और जबड़ा टूट गया। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पुलिस जांच में जुटी है।
पीटीआई का दावा है कि हमला ऐसे समय हुआ जब कुछ दिन पहले शहजाद अकबर ने पाकिस्तान की मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ भाषण दिया था। यह भाषण लंदन में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान दिया गया था। पार्टी का कहना है कि यह महज संयोग नहीं है। उनके मुताबिक हमला सोच-समझकर किया गया। इसी वजह से इस घटना को राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि हमला अचानक क्यों हुआ।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने बयान जारी कर कहा कि यह हमला डराने की कोशिश है। पार्टी ने कहा कि शहजाद अकबर ने हाल ही में सैन्य शासन और सत्ता संरचना की आलोचना की थी। पीटीआई का आरोप है कि इससे पहले डीजी आईएसपीआर ने उनके खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणी की थी। पार्टी का मानना है कि विरोध की आवाजों को चुप कराने का यह तरीका है। हालांकि किसी एजेंसी का नाम सीधे नहीं लिया गया है। आरोपों ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है।
इस पूरे मामले में Asim Munir का नाम चर्चा में है। पीटीआई का कहना है कि शहजाद अकबर का भाषण सीधे सैन्य शासन की आलोचना से जुड़ा था। पार्टी नेताओं का दावा है कि आलोचना करने वालों पर दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि सेना की ओर से इस हमले पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिर भी पाकिस्तान की राजनीति में सेना की भूमिका को लेकर बहस तेज हो गई है।
स्थानीय पुलिस ने घटना की जानकारी दर्ज कर ली है। पुलिस ने पीड़ित का बयान लिया है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। शहजाद अकबर अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
शहजाद अकबर, इमरान खान सरकार में अहम भूमिका निभा चुके हैं। वे पीटीआई के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। इमरान खान के जेल में होने के बाद पार्टी के कई नेता विदेशों में सक्रिय हैं। शहजाद अकबर भी उन्हीं में से एक हैं। उनका नाम पाकिस्तान सरकार की नजर में विवादित रहा है। इसी वजह से हाल ही में उनके प्रत्यर्पण को लेकर भी चर्चा हुई थी। यह हमला उसी पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
यह घटना पाकिस्तान की राजनीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाती दिख रही है। पहले संघर्ष देश के भीतर दिखता था। अब उसका असर विदेशों तक नजर आ रहा है। इमरान खान पहले ही कई मामलों में जेल में हैं। उनकी पत्नी पर भी केस चल रहे हैं। ऐसे में उनके करीबी पर हमला सियासी तनाव को और बढ़ा सकता है। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ हमला है या किसी बड़े टकराव की शुरुआत। जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। First Updated : Thursday, 25 December 2025