'इस बार गोली नहीं चूकेगी...', ईरान से ट्रंप को मिली हत्या की खुली धमकी
वॉशिंगटन और तेहरान के बीच पहले से ही तनाव का माहौल है, लेकिन अब मामला और भी खतरनाक हो गया है. ईरान से डोनाल्ड ट्रंप को खुलेआम धमकी दी गई. जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया की रैली वाली वो तस्वीर दिखाई, जब गोली बाल-बाल चूक गई थी.

नई दिल्ली: वॉशिंगटन और तेहरान के बीच पहले से ही तनावपूर्ण रिश्तों में एक नया और खतरनाक मोड़ सामने आया है. ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक संदेश को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ सीधी धमकी के तौर पर देखा जा रहा है. इस प्रसारण में 2024 के चुनावी अभियान के दौरान हुए जानलेवा हमले की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है.
मीडिया ने जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया के बटलर में आयोजित ट्रंप की रैली की एक तस्वीर दिखाई, जहां वह गोली लगने से बाल-बाल बचे थे. इस तस्वीर के साथ एक सख्त संदेश भी दिखाया गया, जिसमें कहा गया कि इस बार गोली निशाने से नहीं चूकेगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रसारण को ट्रंप के खिलाफ अब तक की सबसे खुली धमकियों में से एक माना जा रहा है.
मीडिया के प्रसारण से बढ़ा तनाव
यह संदेश ऐसे समय पर सामने आया है, जब खबरें हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि वॉशिंगटन देश के अंदर जारी अशांति को हस्तक्षेप के बहाने के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है. ट्रंप की रैली से जुड़ी तस्वीरों के साथ चेतावनी दिखाना इस टकराव को और भड़काने वाला कदम माना जा रहा है.
आधिकारिक पुष्टि
हालांकि इस प्रसारण को लेकर ईरान या अमेरिका की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. टेलीविजन पर दिखाई गई तस्वीर और संदेश को बटलर रैली शूटिंग की सीधी ओर संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें ट्रंप घायल हुए थे. इसके बावजूद सरकारी स्तर पर इस प्रसारण की पुष्टि या खंडन नहीं किया गया है.
क्षेत्र में सैन्य हलचल और जवाबी हमले की आशंका
इस धमकी के बाद यह भी रिपोर्ट सामने आई है कि अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य तैनाती में बदलाव शुरू कर दिया है. खबरों के अनुसार, क्षेत्र में स्थित उसके सबसे बड़े सैन्य अड्डे से सैनिकों की आवाजाही हो रही है. आशंका जताई जा रही है कि यदि ईरान पर हमला हुआ तो वह जवाबी कार्रवाई कर सकता है. इसी संदर्भ में तेहरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जून 2025 में कतर के दोहा के बाहर स्थित अल उदीद एयर बेस पर किए गए जवाबी हमले का जिक्र भी किया.
ट्रंप की चेतावनी
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है. मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा. ट्रंप ने कहा कि अगर वे ऐसा कुछ करते हैं तो हम बहुत कड़ी कार्रवाई करेंग.
ईरान में विरोध प्रदर्शन और सरकार का रुख
ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप के बयान को सैन्य हस्तक्षेप का बहाना बताया है. देश के अंदर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं. ईरान से लौटे चश्मदीदों के मुताबिक, तेहरान के कई इलाकों में भारी सुरक्षा तैनाती है और प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच झड़पें हो रही हैं.
घरेलू संकट में घिरा ईरान
सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली ईरानी सरकार पहले से ही क्षेत्रीय संघर्षों और आंतरिक असंतोष के दबाव में है. दिसंबर में ईरानी रियाल की कीमत रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद देशभर में प्रदर्शन शुरू हुए थे. मीडिया के अनुसार, अब तक 2,600 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जबकि 18,400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.
सुरक्षा बलों के लिए सामूहिक अंतिम संस्कार
बुधवार को ईरानी सरकार ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान मारे गए 100 सुरक्षा कर्मियों के लिए सामूहिक अंतिम संस्कार का आयोजन किया. इस मौके पर हजारों लोग मौजूद थे, जिन्होंने ईरानी झंडे और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें लहराईं. यह दृश्य देश में जारी राजनीतिक और सामाजिक तनाव की गहराई को दर्शाता है.


