ईरान से व्यापार करना अब पड़ेगा महंगा, ट्रंप ने किया 25% टैरिफ लगाने का ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. यह फैसला तुरंत लागू होगा. ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी खुला रखा है.

Shraddha Mishra

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है. उन्होंने घोषणा की है कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उस पर अमेरिका 25 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा. यह फैसला तुरंत लागू होगा. ट्रंप ने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर साफ शब्दों में कही और इसे अंतिम निर्णय बताया. इस कदम का सीधा असर उन देशों पर पड़ेगा जो ईरान के साथ बड़े स्तर पर व्यापार करते हैं. इनमें चीन, भारत, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और इराक जैसे देश शामिल हैं.

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई भी एक विकल्प हो सकता है, हालांकि यह अंतिम निर्णय नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है. ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के जरिए दोनों देशों के बीच संपर्क बना हुआ है.

ट्रंप के सामने कौन से विकल्प?

विशेषज्ञों के अनुसार ट्रंप के पास ईरान को लेकर कई रास्ते हैं, लेकिन सबसे पहले उन्हें यह तय करना होगा कि उनका अंतिम उद्देश्य क्या है. ट्रंप पहले ही यह कह चुके हैं कि यदि ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों पर बड़े पैमाने पर अत्याचार करती है तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है. हालांकि, ट्रंप ने पहले ‘शासन परिवर्तन’ को खुलकर समर्थन देने से परहेज किया है. उन्होंने इराक के अनुभव का हवाला देते हुए कहा था कि किसी देश की सरकार को जबरन बदलना गंभीर परिणाम ला सकता है.

सैन्य कार्रवाई या कूटनीति?

ट्रंप पहले भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर सीमित हमलों का आदेश दे चुके हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करना आसान नहीं होगा, क्योंकि ईरान के कई शहरों में सुरक्षा बल फैले हुए हैं. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि अगर अमेरिका हमला नहीं करता, तो इससे ईरानी सरकार को यह कहने का मौका मिलेगा कि अमेरिका केवल धमकी देता है, कार्रवाई नहीं करता. वहीं, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि अगर कूटनीति के जरिए प्रतिबंधों में ढील मिलती है, तो आम ईरानी जनता इसका स्वागत कर सकती है.

सड़कों पर आंदोलन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

ईरान में प्रदर्शन केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश के सैकड़ों शहरों तक फैल चुके हैं. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि अगर अमेरिका हस्तक्षेप करता है, तो इससे प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ सकता है. वहीं, कुछ विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि इससे ईरानी सरकार और अधिक सख्ती दिखा सकती है. पूर्व शाह के बेटे रजा पहलवी ने भी ट्रंप से अपील की है कि वे ईरानी जनता का खुलकर समर्थन करें और पहले की तरह चुप न रहें.

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