ट्रंप को हुई ईरान की महिला खिलाड़ियों की चिंता! अपील के बाद टीम के 5 सदस्यों को मिली ऑस्ट्रेलिया में शरण
ईरान में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया से ईरानी महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को शरण देने की अपील की. ऑस्ट्रेलिया ने पांच खिलाड़ियों को सुरक्षा देते हुए कहा कि वे वहां सुरक्षित हैं.

नई दिल्ली: ईरान में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच एक नया मानवीय मुद्दा सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा छेड़ दी है. अमेरिका और इजराइल के हमलों के कारण पहले से ही हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, वहीं अब ईरान की महिला फुटबॉल खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी मुद्दे को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऑस्ट्रेलिया से अपील की है कि वह इन खिलाड़ियों को अपने देश में शरण दे. ट्रंप ने इस संबंध में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज से भी बात की है.
दरअसल, ईरान की महिला फुटबॉल टीम हाल ही में एशियन कप टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया गई थी. इसी दौरान कुछ खिलाड़ियों ने मैच से पहले बजने वाले ईरान के राष्ट्रगान को गाने से इनकार कर दिया. इसे कई लोगों ने ईरान की मौजूदा सरकार के खिलाफ विरोध के तौर पर देखा. इस घटना के बाद इन खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई. टूर्नामेंट खत्म होने के बाद टीम के कुछ सदस्य ईरान लौट गए, लेकिन कई खिलाड़ी अभी भी ऑस्ट्रेलिया में ही मौजूद हैं और वहीं रहने पर विचार कर रहे हैं.
ट्रंप ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री से की बातचीत
इस मुद्दे को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज से बातचीत की. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने ईरानी महिला फुटबॉल टीम की स्थिति पर चर्चा की है. ट्रंप ने अपने संदेश में लिखा कि ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री इस मामले पर काम कर रहे हैं और स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ खिलाड़ी अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और इसी वजह से वे ईरान वापस जाने को लेकर असमंजस में हैं.
खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
ट्रंप ने इससे पहले भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर की थी. उन्होंने कहा था कि अगर इन महिला खिलाड़ियों को ईरान वापस भेजा जाता है तो उनकी जान को खतरा हो सकता है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा था कि ऑस्ट्रेलिया अगर खिलाड़ियों को ईरान लौटने देता है तो यह एक बड़ी मानवीय गलती होगी. उनके अनुसार, मौजूदा हालात में ईरान लौटना इन खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित नहीं है. ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ऑस्ट्रेलिया उन्हें शरण नहीं देता है तो अमेरिका इन खिलाड़ियों को अपने यहां शरण देने के लिए तैयार है.
ऑस्ट्रेलिया ने पांच खिलाड़ियों को दी शरण
इस पूरे मामले के बीच ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. ऑस्ट्रेलिया ने ईरान की महिला फुटबॉल टीम के पांच सदस्यों को शरण देने की घोषणा की है. ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि ये खिलाड़ी अब ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षित हैं. उन्होंने कहा कि सरकार उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखेगी और उन्हें यहां ऐसा माहौल दिया जाएगा, जिससे वे खुद को घर जैसा महसूस कर सकें.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चर्चा
ईरानी महिला खिलाड़ियों को लेकर उठे इस मुद्दे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहस को जन्म दे दिया है. कई मानवाधिकार संगठनों और खेल से जुड़े लोगों का मानना है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है. दूसरी ओर, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले में खिलाड़ियों को खुद फैसला करने का अधिकार होना चाहिए कि वे अपने देश लौटना चाहती हैं या किसी दूसरे देश में रहना चाहती हैं.


