डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने जा रहे हैं. उनके शपथग्रहण की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. इस खास अवसर पर दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्ष और बिजनेस टाइकून को इनवाइट किया गया है. भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर वाशिंगटन डीसी जा रहे हैं. अपने शपथ ग्रहण से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ये साफ कर दिया है कि वह राष्ट्रपति पद संभालने के साथ ही काम पर लग जाएंगे. बतौर राष्ट्रपति उन्होंने अपने कार्यकाल के पहले दिन ही रिकॉर्ड संख्या में कार्यकारी आदेश जारी करने की तैयारी कर ली है. ट्रंप आदेश पर हस्ताक्षर करने की शुरुआत अपने उद्घाटन भाषण के ठीक बाद से करने जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि ट्रंप अपने कार्यकाल के पहले दिन ही 100 से अधिक फाइलों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं.
बाइडेन की नीतियों को रद्द कर सकते हैं ट्रंप
रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद संभालते ही जिन फाइलों पर साइन करने वाले हैं उनमें से कई फाइलें बाइडन शासन के दौरान लिए गए फैसलों को रद्द करने से जुड़ी हो सकती हैं. अपने नए कार्यकाल के पहले दिन के लिए ट्रम्प के वादों में सामूहिक निर्वासन कार्यक्रम भी शामिल है.ट्रम्प ने एनबीसी को बताया कि बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों का निष्कासन बहुत, बहुत जल्दी शुरू होगा.
ट्रंप ने लगाया था बाइडेन पर आरोप
कुछ दिन पहले डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बाइडेन पर ट्रांस्फर ऑप पॉवर यानी सत्ता हस्तांतरण को कठिन बनाने का आरोप लगाया है. नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने हाल के दिनों में जलवायु और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर बाइडेन प्रशासन के कार्यकारी आदेशों का उदाहरण देते हुए यह आरोप लगाया.ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि बाइडेन इस बदलाव को जितना संभव हो सके उतना मुश्किल बनाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं. इसमें कानूनी कार्रवाई से लेकर ग्रीन न्यू स्कैम और अन्य पैसे बर्बाद करने वाले महंगे और हास्यास्पद कार्यकारी आदेश शामिल हैं.'
कनाडा को अमेरिका में शामिल होने का ऑफर
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि डरो मत, ये सभी 'आदेश' जल्द ही समाप्त हो जाएंगे और हम सामान्य समझ और ताकत वाला राष्ट्र बन जाएंगे.बाइडेन के साथ ही ट्रंप कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो पर भी काफी हमलावर रहे हैं. कनाडाई प्रधानमंत्री जब अपने इस्तीफे की घोषणा की तो उन्होंने तंज कसते हुए एक बार फिर कनाडा को अमेरिका में मिला देने का ऑफर किया.
बता दें कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने लिबरल पार्टी के नेता पद और प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, वह लिबरल पार्टी के नए नेता चुने जाने तक प्रधानमंत्री पद पर रहेंगे.ट्रंप ने ट्रूडो की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद अपने प्रस्ताव को फिर दोहराया. ट्रुथ सोशल पर उन्होंने कहा कि कनाडा में बहुत से लोग 51वें राज्य का हिस्सा बनना पसंद करेंगे. संयुक्त राज्य अमेरिका अब उस बड़े व्यापार घाटे और सब्सिडी को सहन नहीं कर सकता है जिनकी कनाडा को बने रहने के लिए जरूरत है. जस्टिन ट्रूडो को यह पता था और उन्होंने इस्तीफा दे दिया. First Updated : Sunday, 19 January 2025