मिडिल ईस्ट की जंग में सबसे बड़ा झटका UAE को! अब सबसे बड़े पलटवार की तैयारी
अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के बीच ईरान ने UAE पर कई ड्रोन और मिसाइल हमले किए. इससे दुबई की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है और अब UAE ईरान के वित्तीय नेटवर्क पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग ने पूरे क्षेत्र की शांति और अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद शुरू हुआ संघर्ष अब कई देशों तक फैल चुका है. पिछले एक सप्ताह में ईरान ने लगातार हमले करते हुए न केवल सैन्य ठिकानों बल्कि कई नागरिक ढांचों को भी निशाना बनाया है. हैरानी की बात यह है कि इस संघर्ष का सबसे ज्यादा असर न तो सीधे तौर पर अमेरिका पर पड़ा है और न ही इजरायल या ईरान पर. इस युद्ध से सबसे अधिक प्रभावित संयुक्त अरब अमीरात (UAE) हुआ है, जिसे पूरे मिडिल ईस्ट की आर्थिक ताकत माना जाता है.
पिछले कुछ दिनों में ईरान ने क्षेत्र के कई हिस्सों में ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं. इन हमलों का असर केवल सैन्य स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों और नागरिक जीवन पर भी पड़ा है. खासकर संयुक्त अरब अमीरात को इन हमलों से भारी नुकसान झेलना पड़ा है. UAE लंबे समय से खुद को सुरक्षित और स्थिर व्यापारिक केंद्र के रूप में प्रस्तुत करता रहा है. लेकिन हालिया घटनाओं ने इस छवि को बड़ा झटका दिया है. अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और व्यापारिक समुदाय में भी चिंता बढ़ गई है.
दुबई: ईरान की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा
पिछले चार दशकों से दुबई ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है. जब भी अमेरिका या संयुक्त राष्ट्र ने ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए, तब भी दुबई के जरिए ईरानी कारोबार चलता रहा. दुबई में मौजूद करेंसी एक्सचेंज, फ्री-ज़ोन में काम करने वाली कंपनियां और सोने के व्यापार से जुड़ा नेटवर्क ईरान के लिए विदेशी मुद्रा हासिल करने का एक अहम रास्ता बना रहा.
इसी के जरिए ईरान अपनी तेल से होने वाली कमाई को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा में बदल पाता था. अमेरिका ने कई बार इस नेटवर्क को रोकने की कोशिश की, लेकिन उसे पूरी सफलता नहीं मिली क्योंकि इसके लिए UAE के सहयोग की जरूरत थी. अब हालात बदलते दिखाई दे रहे हैं.
UAE पर हमलों का बड़ा असर
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले छह दिनों में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात पर 1000 से अधिक ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं. इन हमलों में दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित कई अहम जगहों को नुकसान पहुंचा है. हमलों के कारण क्षेत्र की लगभग 70 प्रतिशत उड़ानें प्रभावित हुईं और कई फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा. इसके अलावा कुछ रिहायशी और पर्यटन क्षेत्रों में भी नुकसान की खबरें सामने आई हैं. दुबई ने वर्षों की मेहनत से खुद को एक वैश्विक व्यापार और पर्यटन केंद्र बनाया था. लेकिन इन हमलों ने निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है.
आर्थिक मोर्चे पर पलटवार की तैयारी
इन हमलों के बाद अब संयुक्त अरब अमीरात ईरान के खिलाफ कड़ा कदम उठाने पर विचार कर रहा है. बताया जा रहा है कि अमीराती अधिकारी ईरान से जुड़े कई वित्तीय नेटवर्क पर कार्रवाई कर सकते हैं. संभावित कदमों में ईरान से जुड़ी शेल कंपनियों की संपत्तियों को फ्रीज करना और स्थानीय करेंसी एक्सचेंज पर सख्ती करना शामिल है. यदि ऐसा होता है तो ईरान की विदेशी मुद्रा तक पहुंच काफी कम हो सकती है.


